21 साल के प्रियांशु मोलिया ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ नाबाद 321 रन की पारी खेलकर बड़ौदा के लिए नया रिकॉर्ड बना दिया। वडोदरा में खेले जा रहे मुकाबले में मोलिया ने 492 गेंदों का सामना किया और 36 चौके व एक छक्का लगाया। उनकी इस पारी की मदद से बड़ौदा ने पहली पारी में 616 रन बनाए। मोलिया ने करीब 80 साल पुराने गुल मोहम्मद के 319 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
प्रियांशु मोलिया ने 319 रन का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
रणजी ट्रॉफी के तीसरे दौर में बड़ौदा और जम्मू-कश्मीर के बीच मुकाबला 26 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ। मंगलवार, 27 अक्टूबर को दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक मोलिया की पारी चर्चा में रही। उन्होंने बड़ौदा की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया।
इससे पहले बड़ौदा के लिए गुल मोहम्मद ने 1946-47 के रणजी ट्रॉफी फाइनल में होलकर के खिलाफ 319 रन बनाए थे। मोलिया ने 321 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वह बड़ौदा की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बने।
मुश्किल स्थिति से बड़ौदा को संभाला
मोलिया की पारी इसलिए भी अहम रही, क्योंकि बड़ौदा ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे। एक समय टीम का स्कोर 63 रन पर तीन विकेट था। बाद में विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और मोलिया ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई।
सातवें विकेट के लिए मोलिया और महेश पिथिया ने बड़ी साझेदारी की। पिथिया ने 102 रन बनाए, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक था। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने बड़ौदा को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
बड़ौदा की पूरी टीम पहली पारी में 169 ओवर में 616 रन बनाकर आउट हुई। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक बिना विकेट गंवाए छह रन बना लिए थे। उस समय टीम बड़ौदा से 610 रन पीछे थी।
21 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में खास उपलब्धि
मोलिया की उम्र 21 साल और 132 दिन बताई गई है। इस उपलब्धि के साथ वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाजों की सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गए।
मोलिया पहले भी अपनी लंबी पारियों के कारण चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2018 में, 13 साल की उम्र में उन्होंने वडोदरा के अंडर-14 डीके गायकवाड़ टूर्नामेंट में नाबाद 556 रन बनाए थे। उन्होंने 319 गेंदों की उस पारी में 98 चौके और एक छक्का लगाया था।
उन्होंने दिसंबर 2022 में रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। अपने शुरुआती रणजी मुकाबलों में उन्होंने ओडिशा के खिलाफ 118 और हरियाणा के खिलाफ नाबाद 144 रन बनाए थे। वह 2024 में भारतीय अंडर-19 विश्व कप टीम का भी हिस्सा रहे।
अब जम्मू-कश्मीर के सामने बड़ी चुनौती
बड़ौदा के 616 रन के जवाब में जम्मू-कश्मीर को अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए छह रन बना लिए थे। मुकाबले की दिशा अब जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी और बड़ौदा के गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
मोलिया की 321 रन की पारी ने बड़ौदा को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। साथ ही, उन्होंने टीम के रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
सत्यापन नोट: मुख्य स्कोर, व्यक्तिगत रिकॉर्ड, उम्र और मैच की स्थिति की कई समाचार रिपोर्टों से पुष्टि हुई है। लेख में किसी अपुष्ट आधिकारिक बयान या काल्पनिक उद्धरण को शामिल नहीं किया गया है।