लखनऊ: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 की सुबह मजदूरों के लेबर कैंप में भीषण आग लग गई। आग करीब सुबह 6:30 बजे लगी। तीन मंजिला अस्थायी इमारत में आग तेजी से फैल गई और उससे उठता धुआं करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। हादसे में दो मजदूरों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
आग जिस इमारत में लगी, वह एयरपोर्ट टर्मिनल से करीब 250 से 300 मीटर की दूरी पर बताई जा रही है। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में दमकल की गाड़ियों की संख्या अलग-अलग बताई गई है, इसलिए इस खबर में किसी एक संख्या को अंतिम आंकड़ा नहीं माना गया है।
तीन मंजिला अस्थायी इमारत में लगी आग
रिपोर्टों के मुताबिक, एयरपोर्ट परिसर में निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों के रहने के लिए यह अस्थायी कैंप बनाया गया था। कुछ रिपोर्टों में इमारत के पीवीसी पैनल से बने होने की जानकारी दी गई है। आग लगने के बाद कुछ ही समय में इसकी कई मंजिलें और कमरे चपेट में आ गए।
कैंप में रहने वाले मजदूरों ने आग लगने के बाद बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 352 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया ने निकाले गए मजदूरों की संख्या करीब 500 बताई है। इन आंकड़ों में अंतर होने के कारण सुरक्षित निकाले गए मजदूरों की संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हो सकी है।
दो मजदूर झुलसे
हादसे में दो मजदूरों के घायल होने की जानकारी कई रिपोर्टों में सामने आई है। एक मजदूर के आग की चपेट में आने और दूसरे के इमारत से बाहर निकलने के दौरान घायल होने की बात कही गई है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल इस घटना में किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। आग से कैंप की इमारत और मजदूरों के सामान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
करीब एक घंटे में आग पर काबू
आग की सूचना मिलने के बाद दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग तेजी से फैलने के कारण दमकलकर्मियों को इसे नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार करीब एक घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया।
आग लगने के कारण को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में सिलेंडर ब्लास्ट की संभावना का उल्लेख किया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आग की वजह को फिलहाल निश्चित नहीं माना जा सकता।
एयरपोर्ट संचालन पर क्या असर पड़ा?
आग एयरपोर्ट टर्मिनल के काफी करीब लगी होने के बावजूद उपलब्ध रिपोर्टों में उड़ानों के संचालन पर किसी बड़े प्रभाव की जानकारी नहीं दी गई है। घटना के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहीं।
लखनऊ एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अमौसी में स्थित है और यहां टर्मिनल-3 से घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है।
आग के कारण और नुकसान की जांच जारी
फिलहाल सबसे अहम सवाल आग लगने की वजह और कैंप में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। पुलिस और संबंधित टीमें घटना के कारणों तथा नुकसान का आकलन कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आग किस वजह से शुरू हुई थी।
फैक्ट-चेक नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में दमकल की गाड़ियों और सुरक्षित निकाले गए मजदूरों की संख्या अलग-अलग है। इसलिए लेख में इन आंकड़ों को अंतिम आधिकारिक संख्या के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। आग लगने के कारण की भी अभी स्वतंत्र/आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।