गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के बीच बिजली आपूर्ति का संकट गहरा गया है। शहर के कई इलाकों में बुधवार देर रात से बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आईं। रिपोर्टों के मुताबिक, रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के टोल-फ्री नंबर पर 5,500 से अधिक बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज हुईं। कई इलाकों में बिजली के साथ पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
हड़ताल का असर गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद और नूंह में भी बताया गया है। कई जगह लंबे समय तक बिजली नहीं आने से घरों, कारोबार और औद्योगिक इकाइयों का काम प्रभावित हुआ।
22 अक्टूबर से शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल
हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारी हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) की ओर से गुरुग्राम और नूंह के लिए निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।
HERC के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को Eleven Power Private Limited को गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का आदेश जारी किया गया था।
इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारियों के संगठनों ने इसे निजीकरण की दिशा में कदम बताते हुए विरोध शुरू किया। हालांकि, लाइसेंस का मतलब मौजूदा DHBVN व्यवस्था का तत्काल खत्म होना नहीं है। नई कंपनी का नेटवर्क तैयार होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को वितरण कंपनी चुनने का विकल्प मिलने की व्यवस्था है।
7 घंटे में 5500 से ज्यादा शिकायतों का दावा
गुरुग्राम में बिजली संकट की गंभीरता का अंदाजा शिकायतों की संख्या से लगाया जा सकता है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच 5,500 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। इससे पहले 12 घंटे में 3,000 से अधिक शिकायतें आने की जानकारी भी सामने आई थी।
इस आंकड़े में शिकायतों के अलग-अलग माध्यमों से दर्ज मामलों का समावेश है या नहीं, इसकी स्वतंत्र विस्तृत पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इसे रिपोर्टेड शिकायतों का आंकड़ा माना जाना चाहिए।
बिजली के साथ पानी और कारोबार पर भी असर
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। बिजली पर निर्भर पंपिंग और अन्य व्यवस्थाओं पर इसका असर पड़ा। घरों में इनवर्टर और अन्य बैकअप व्यवस्था खत्म होने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों पर भी बिजली कटौती का असर बताया गया है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ औद्योगिक इकाइयों में लंबे बिजली कट के कारण काम प्रभावित हुआ और कारोबारियों ने संभावित नुकसान की चिंता जताई।
सड़क पर उतरे लोग, जाम की स्थिति
बिजली संकट को लेकर गुरुग्राम के कुछ इलाकों में लोगों के विरोध की भी खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दाैतलाबाद फ्लाईओवर के पास लोगों ने सड़क पर विरोध किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
सरकार ने क्या कहा?
हरियाणा सरकार ने HERC के लाइसेंस संबंधी फैसले को चुनौती देने की बात कही है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज के मुताबिक, सरकार इस आदेश के खिलाफ Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) में अपील करेगी।
वहीं, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने और बिजली स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा सरकार के आधिकारिक प्रेस रिलीज में कई जिलों में बिजली कार्यालयों और सब-स्टेशनों पर प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस की तैनाती की जानकारी दी गई है।
अभी क्या स्थिति है?
23 अक्टूबर को हड़ताल का दूसरा दिन है और 24 अक्टूबर तक इसके जारी रहने का कार्यक्रम है। कर्मचारियों की ओर से मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि, हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने का अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
गुरुग्राम में फिलहाल मुख्य चुनौती बिजली आपूर्ति को सामान्य करना और तकनीकी खराबियों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करना है। DHBVN की आधिकारिक वेबसाइट पर बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों के लिए 1912 और 1800-180-4334 नंबर दिए गए हैं
सत्यापन नोट: 7 घंटे में 5,500 से अधिक शिकायतों का आंकड़ा समाचार रिपोर्ट में उपलब्ध है; इस सटीक आंकड़े की DHBVN की सार्वजनिक वेबसाइट पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए इसे रिपोर्टेड आंकड़े के रूप में प्रस्तुत किया गया है।