तनाव, बेचैनी या काम के दबाव के बीच कुछ मिनट अपनी सांसों पर ध्यान देना मन को शांत करने में मदद कर सकता है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीकों में बॉक्स ब्रीदिंग भी शामिल है। इसमें चार गिनती तक सांस लेना, सांस रोकना, सांस छोड़ना और फिर कुछ देर सांस रोकना शामिल है। इस तकनीक को नियमित रूप से अपनाने से कुछ लोगों को तनाव संभालने और अपने मूड को बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे तुरंत राहत मिलने की गारंटी नहीं है और इसके खास प्रभावों पर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
क्या है बॉक्स ब्रीदिंग?
बॉक्स ब्रीदिंग को स्क्वायर ब्रीदिंग या फोर-स्क्वायर ब्रीदिंग भी कहा जाता है। इसमें सांस लेने की प्रक्रिया को चार बराबर चरणों में बांटा जाता है। हर चरण के दौरान मन में चार तक गिनती की जाती है।
इस अभ्यास का उद्देश्य सांसों की गति को नियंत्रित करना और ध्यान को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करना है। तनाव के समय जब व्यक्ति की सांसें तेज या उथली हो जाती हैं, तब धीरे-धीरे और नियमित रूप से सांस लेने का अभ्यास शांत महसूस करने में मदद कर सकता है।
बॉक्स ब्रीदिंग करने का सही तरीका
बॉक्स ब्रीदिंग के चार चरण इस तरह हैं:
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सांस अंदर लें: नाक से धीरे-धीरे सांस लेते हुए मन में एक से चार तक गिनें।
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सांस रोकें: सांस अंदर लेने के बाद आरामदायक स्थिति में चार तक गिनती करते हुए रुकें।
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सांस बाहर छोड़ें: मुंह या नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए चार तक गिनें।
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फिर सांस रोकें: सांस छोड़ने के बाद चार तक गिनें और इसके बाद अगला चक्र शुरू करें।
शुरुआत में तीन से चार चक्र करने की कोशिश कर सकते हैं। यदि चार तक गिनती के दौरान असहजता महसूस हो, तो अपनी सुविधा के अनुसार अभ्यास करें। सांस रोकना जरूरी रूप से चार सेकंड तक ही होना चाहिए, ऐसा नहीं है।
तनाव और मूड पर क्या असर पड़ सकता है?
बॉक्स ब्रीदिंग को लेकर 21 सितंबर 2026 को PubMed पर प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा में उपलब्ध आठ यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षणों के नतीजों का विश्लेषण किया गया। समीक्षा में कुछ अध्ययनों में तनाव, बेचैनी और मूड से जुड़े अल्पकालिक लाभ मिले, लेकिन अलग-अलग अध्ययनों के नतीजे एक जैसे नहीं थे। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि इस तकनीक के प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अधिक और उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों की जरूरत है।
इस आधार पर बॉक्स ब्रीदिंग को तनाव संभालने के एक आसान अभ्यास के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज नहीं मानना चाहिए।
इसके संभावित फायदे इस प्रकार हैं:
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तनाव के समय शांत होने में मदद: सांसों की गति पर ध्यान देने से कुछ लोगों को बेचैनी कम महसूस हो सकती है।
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ध्यान केंद्रित करने में मदद: गिनती और सांसों पर ध्यान देने से कुछ समय के लिए ध्यान भटकाने वाले विचारों से दूरी बनाने में मदद मिल सकती है।
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भावनाओं को संभालने में सहायता: तनावपूर्ण परिस्थिति में प्रतिक्रिया देने से पहले कुछ पल रुकने का अवसर मिल सकता है।
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आसान अभ्यास: इसके लिए किसी विशेष उपकरण या जगह की जरूरत नहीं होती।
इन संभावित फायदों का अनुभव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।
कितनी देर और कब करें अभ्यास?
शुरुआत में दिन में एक या दो बार कुछ चक्रों से अभ्यास शुरू किया जा सकता है। सुबह, काम के बीच छोटे ब्रेक में या किसी तनावपूर्ण परिस्थिति के बाद इसे आजमाना सुविधाजनक हो सकता है।
नियमित अभ्यास से तकनीक को समझने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी हो सकती है। हालांकि, इसके लिए कोई एक निश्चित अवधि सभी लोगों के लिए प्रभावी साबित नहीं हुई है।
किन बातों का रखें ध्यान?
बॉक्स ब्रीदिंग करते समय सांस को बहुत देर तक रोकने या जरूरत से ज्यादा गहरी सांस लेने की कोशिश न करें। यदि चक्कर आएं, घबराहट बढ़े या सांस लेने में परेशानी हो, तो अभ्यास रोक दें और सामान्य रूप से सांस लें।
जिन लोगों को सांस से जुड़ी कोई बीमारी है या सांस रोकने में परेशानी होती है, उन्हें इस तरह का अभ्यास शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
यदि तनाव, बेचैनी या उदासी लगातार बनी रहती है और रोजमर्रा के काम, नींद या रिश्तों पर असर डालती है, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना उचित है। बॉक्स ब्रीदिंग सहायक अभ्यास हो सकती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद का विकल्प नहीं है।
संपादकीय सत्यापन नोट: उपलब्ध वैज्ञानिक और स्वास्थ्य-संबंधी स्रोतों से बॉक्स ब्रीदिंग की प्रक्रिया तथा तनाव पर इसके संभावित प्रभावों की जांच की गई है। मूल इनपुट में किसी विशेषज्ञ का नाम, प्रत्यक्ष बयान, घटना की तारीख या स्थान नहीं दिया गया था। इसलिए लेख में किसी विशेषज्ञ का काल्पनिक उद्धरण शामिल नहीं किया गया है। इसे किसी विशेष विशेषज्ञ के ताजा साक्षात्कार पर आधारित खबर के बजाय वैज्ञानिक स्रोतों पर आधारित स्वास्थ्य उपयोगिता लेख के रूप में प्रकाशित करना उचित होगा।