जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। ₹1,119 के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी के शेयर NSE और BSE पर करीब ₹1,358 के स्तर पर सूचीबद्ध हुए। यानी निवेशकों को प्रति शेयर करीब ₹239 का लिस्टिंग गेन मिला, जो लगभग 21.4% प्रीमियम के बराबर है।
Jio Platforms की यह लिस्टिंग ₹30,213 करोड़ के IPO के बाद हुई है। कंपनी के शेयरों का कारोबार NSE पर JPL नाम से हुआ। NSE के रिकॉर्ड में Jio Platforms Limited के IPO की अवधि 21 से 23 अक्टूबर 2026 दर्ज है।
₹1,119 के इश्यू प्राइस से ₹1,358 तक पहुंचा शेयर
Jio Platforms ने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। अंतिम इश्यू प्राइस ₹1,119 रहा। IPO का लॉट साइज 12 शेयर था, यानी ऊपरी प्राइस पर एक लॉट के लिए ₹13,428 का निवेश जरूरी था।
लिस्टिंग के समय BSE और NSE दोनों पर शेयर करीब ₹1,358 के स्तर पर खुले। इस तरह इश्यू प्राइस की तुलना में करीब ₹239 प्रति शेयर की बढ़त दर्ज हुई।
IPO को मिला था मजबूत सब्सक्रिप्शन
Jio Platforms के ₹30,213 करोड़ के IPO को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। NSE के आंकड़ों के अनुसार, Qualified Institutional Buyers यानी QIB श्रेणी में 70.55 गुना और Non-Institutional Investors श्रेणी में 14 गुना सब्सक्रिप्शन आया। Retail Investors की श्रेणी 2.72 गुना सब्सक्राइब हुई।
इस IPO का आकार Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO से बड़ा था, जिसके चलते यह भारतीय पूंजी बाजार का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बना।
लिस्टिंग से पहले GMP ने दिए थे प्रीमियम के संकेत
लिस्टिंग से पहले Jio Platforms के शेयरों का Grey Market Premium यानी GMP करीब ₹246-247 बताया जा रहा था। ₹1,119 के इश्यू प्राइस पर यह लगभग 22% के संभावित प्रीमियम का संकेत देता था। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता।
वास्तविक लिस्टिंग करीब 21.4% प्रीमियम पर हुई।
लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार मूल्य
लिस्टिंग के बाद Jio Platforms का बाजार पूंजीकरण करीब ₹12.5 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। Reuters के मुताबिक, इस लिस्टिंग के बाद Jio Platforms भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।
Jio Platforms, Reliance Industries की डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के IPO दस्तावेजों के अनुसार उसके शेयर BSE और NSE पर सूचीबद्ध किए जाने थे।
निवेशकों के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?
शानदार लिस्टिंग के बाद अब बाजार की नजर शेयर के अगले कारोबारी सत्रों में प्रदर्शन, कंपनी के वित्तीय नतीजों और कारोबार की वृद्धि पर रहेगी। लिस्टिंग प्राइस में हुई शुरुआती बढ़त को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेज भी स्पष्ट करते हैं कि इश्यू प्राइस को लिस्टिंग के बाद के बाजार भाव का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
नोट: यह खबर शेयर की लिस्टिंग और उपलब्ध बाजार आंकड़ों की जानकारी देती है। इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।