केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में कटौती की दिशा में कदम उठाते हुए 543 ब्रांड की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जारी कर दी हैं। इनमें कुछ दवाओं के दाम 90 प्रतिशत से अधिक घटे हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) की ओर से जारी सूची के अनुसार, समार्थ लाइफ साइंसेज के थियोटेपा 100 मिलीग्राम इंजेक्शन की एक वायल की कीमत ₹80,071.86 से घटकर ₹7,150.33 हो गई है। संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
हालांकि, इस फैसले को समझते समय एक अंतर ध्यान में रखना जरूरी है। सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के व्यापार मार्जिन को नियंत्रित करने का फैसला किया है, जबकि 543 का आंकड़ा उन दवा ब्रांड्स का है जिनकी संशोधित MRP की सूची जारी की गई है। इसलिए इसे सीधे 397 अलग-अलग दवाओं की कीमत घटने का फैसला कहना आधिकारिक आंकड़ों से मेल नहीं खाता।
कैंसर की दवाओं के नए दाम: किन दवाओं पर कितना असर?
28 अक्टूबर 2026 को प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के माध्यम से जारी जानकारी में NPPA ने कुछ दवाओं की पुरानी और संशोधित कीमतों का विवरण दिया। इनमें इंजेक्शन, टैबलेट और कैप्सूल शामिल हैं।
सरकारी सूची में दर्ज कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
| दवा और ब्रांड | पुरानी MRP | नई MRP |
|---|---|---|
| थियोटेपा 100 मिलीग्राम, Samtepa | ₹80,071.86 | ₹7,150.33 |
| एज़ासिटिडिन 100 मिलीग्राम, Azacytin इंजेक्शन | ₹6,337 | ₹1,495.04 |
| बेवसिजुमैब 100 मिलीग्राम/4 मिली, Bevacizab इंजेक्शन | ₹21,767.70 | ₹5,930.13 |
| डेनोसुमैब 60 मिलीग्राम, Debrumab इंजेक्शन | ₹22,031.25 | ₹5,941 |
| डासाटिनिब 20 मिलीग्राम, Dasanat टैबलेट | ₹2,812.50 | ₹1,085.93 |
स्रोत: PIB की 28 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति और प्रकाशित मूल्य सूची। कीमतें संबंधित ब्रांड, क्षमता और पैक के लिए हैं।
थियोटेपा इंजेक्शन की कीमत में करीब 91.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, सभी कैंसर दवाओं के दाम एक समान नहीं घटे हैं। कुछ ब्रांड की कीमतों में बड़ी कमी हुई है, जबकि कुछ की MRP में बदलाव नहीं हुआ है।
सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतें क्यों घटाईं?
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के तहत काम करने वाले NPPA ने 17 अक्टूबर को 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के व्यापार मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के 30 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्णय घोषित किया था।
गैर-अनुसूचित दवाएं वे हैं जो निर्धारित मूल्य-नियंत्रित सूची में शामिल नहीं होतीं। इस कदम का उद्देश्य वितरण और खुदरा बिक्री के दौरान जुड़ने वाले अत्यधिक व्यापार मार्जिन को सीमित करना है, ताकि मरीजों को कुछ कैंसर दवाएं कम कीमत पर मिल सकें।
सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से संबंधित दवाओं की MRP में उनकी मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद थी। बाद में कंपनियों की ओर से दी गई संशोधित कीमतों को मिलाकर 543 ब्रांड की सूची जारी की गई।
इस सूची में इम्यूनोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अलावा डेनोसुमैब, पेगफिलग्रास्टिम और बेवसिजुमैब जैसी दवाएं भी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल अलग-अलग प्रकार के कैंसर के इलाज या उससे जुड़ी जटिलताओं के प्रबंधन में किया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की कीमतों पर क्या कहा था?
दवाओं की कीमतों पर सरकारी कदम से पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे। 12 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पूछा था कि मूल्य नियंत्रण केवल कैंसर की दवाओं तक सीमित क्यों रखा जा रहा है और दूसरी जरूरी दवाओं की ऊंची कीमतों पर भी विचार क्यों नहीं किया जा रहा।
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कैंसर की दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित करने के फैसले की जानकारी दी थी। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दवाओं की उपलब्धता और बाजार पर संभावित असर के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत भी बताई थी।
इसलिए कीमतों में कटौती को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद हुए घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा सकता है, लेकिन यह कहना कि अदालत की फटकार ही इस फैसले का एकमात्र कारण थी, उपलब्ध सरकारी अधिसूचना से साबित नहीं होता।
नई कीमतें कब से लागू होंगी?
NPPA की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। कंपनियों को अपनी संशोधित मूल्य सूची NPPA को देने और उसे वितरकों, खुदरा विक्रेताओं तथा अस्पतालों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, अस्पतालों और खुदरा विक्रेताओं को लागू तारीख से संशोधित कीमतों के मुताबिक दवाएं बेचनी होंगी। अस्पतालों को अपनी वेबसाइट पर भी संशोधित कीमतें प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होंगी। दवा की कीमत जांचने के लिए मरीज NPPA की वेबसाइट और Pharma Sahi Daam ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
कैंसर की दवाओं की पूरी लिस्ट कहां देखें?
NPPA ने 543 कैंसर दवा ब्रांड्स की संशोधित MRP की सूची जारी की है। इसमें दवा का नाम, ब्रांड, क्षमता, पैक का आकार और पुरानी व नई कीमत जैसी जानकारियां शामिल हैं। सूची को कंपनियों से नई जानकारी मिलने पर अपडेट भी किया जाना है।
दवा खरीदते समय ब्रांड, क्षमता, पैक साइज और संशोधित MRP का मिलान करना जरूरी है। एक ही दवा के अलग-अलग ब्रांड या पैक की कीमतें अलग हो सकती हैं। मरीजों को निर्धारित इलाज या दवा में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
संपादकीय सत्यापन नोट: आधिकारिक सरकारी विज्ञप्ति 543 ब्रांड्स और 137 दवा श्रेणियों का उल्लेख करती है। शीर्षक में दिया गया 397 दवाओं का आंकड़ा आधिकारिक विज्ञप्ति से पुष्ट नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां रिपोर्ट से सत्यापित हैं, लेकिन उन्हें सरकारी निर्णय का एकमात्र कारण बताने का पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला।