तेलंगाना के खम्मम जिले में बाढ़ से उफनाई बेथुपल्ली झील में बुधवार शाम बचाव अभियान के दौरान दो नावें पलट गईं। हादसे के बाद 10 बचावकर्मी और एक स्थानीय व्यक्ति लापता हो गए थे। एनडीआरएफ और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने रातभर अभियान चलाकर गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह सभी 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में पांच मछुआरों को भी एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बचाया।
यह हादसा खम्मम जिले के सत्तुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील में हुआ। लगातार बारिश के कारण झील का जलस्तर बढ़ गया था और पानी तेज बहाव के साथ ओवरफ्लो हो रहा था। इसी दौरान मछली पकड़ने के लिए जाल लगाने पहुंचे कुछ मछुआरे पानी के बीच फंस गए थे।
मछुआरों को बचाने के लिए शुरू किया गया था अभियान
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर पांच मछुआरे बेथुपल्ली झील के पास मछली पकड़ने के लिए जाल लगाने पहुंचे थे। इस दौरान अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और तेज बहाव के कारण उनके लिए किनारे तक लौटना मुश्किल हो गया।
मछुआरों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती बचाव प्रयास में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पानी के बीच फंसे अन्य मछुआरों को निकालने के लिए दो नावों की मदद से दूसरा अभियान शुरू किया गया।
तेज बहाव में पलट गईं दोनों नावें
बचाव अभियान के दौरान करीब शाम 7:30 बजे दो नावों में सवार टीम तेज बहाव की चपेट में आ गई। पानी के दबाव के कारण दोनों नावें पलट गईं और उनमें सवार 10 बचावकर्मी तथा एक स्थानीय व्यक्ति बहाव में लापता हो गए।
इनमें कोठागुडेम बटालियन के एसडीआरएफ से जुड़े पुलिसकर्मी और दमकल विभाग के कर्मचारी शामिल थे। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल तलाश और बचाव अभियान शुरू किया।
खम्मम के जिला कलेक्टर दिवाकर टीएस और सत्तुपल्ली की विधायक मट्टा रागमयी समेत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई।
एनडीआरएफ ने रातभर चलाया बचाव अभियान
लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी अभियान में लगाया गया। विजयवाड़ा से पहुंची एनडीआरएफ टीम ने सबसे पहले झील के बीच फंसे पांच मछुआरों का पता लगाया।
रिपोर्ट के अनुसार, एनडीआरएफ के जवान रात करीब 10:30 बजे मछुआरों तक पहुंचे और लगभग 11:20 बजे तक सभी पांचों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दूसरी ओर, नाव पलटने के बाद लापता हुए बचावकर्मियों और स्थानीय व्यक्ति की तलाश जारी रही। कुछ लोगों ने फोन के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क भी किया था, जिससे उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली।
गुरुवार सुबह सभी 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रातभर चले तलाशी अभियान के बाद गुरुवार सुबह सभी 11 लापता लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। तेलंगाना टुडे की आईएएनएस रिपोर्ट के मुताबिक, एनडीआरएफ और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने सभी लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने भी सोशल मीडिया पर बचाव अभियान में जुटी टीमों की सराहना की। उन्होंने बताया कि मछुआरों और बचावकर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए रातभर अभियान चलाया गया था।
इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने जिला प्रशासन को लापता कर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने और मुख्य सचिव संजय जाजू को पूरे घटनाक्रम की निगरानी करने के निर्देश दिए थे।
बेथुपल्ली झील में हुए इस हादसे के बाद सभी लापता लोगों को सुरक्षित निकाल लिए जाने से राहत मिली है। हालांकि, इस घटना ने बाढ़ के दौरान तेज जलप्रवाह वाले इलाकों में बचाव अभियान चलाने के दौरान आने वाली चुनौतियों को भी सामने रखा है।
Verification Note: कुल 11 लोगों के सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से होती है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में लापता लोगों की विभागीय पहचान और संख्या के विवरण में अंतर है। इसलिए लेख में 10 बचावकर्मियों और एक स्थानीय व्यक्ति का उल्लेख किया गया है। हादसे में किसी की मृत्यु की सूचना इन स्रोतों में नहीं है।