नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी उनके तत्काल प्रभाव से कप्तानी छोड़ने की पुष्टि की है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कप्तानी के दौरान उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं भी दीं।
हरमनप्रीत ने हालांकि साफ किया है कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से विदाई नहीं है। वह भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर अपना सफर जारी रखना चाहती हैं। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि फिलहाल उनका ध्यान कप्तानी की जिम्मेदारी से हटकर खेल पर केंद्रित रहेगा।
हरमनप्रीत ने क्यों छोड़ी कप्तानी?
हरमनप्रीत ने अपने फैसले को आसान नहीं बताया। उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय वर्षों की यादों, भावनाओं, त्याग और जिम्मेदारियों से जुड़ा है। उनके मुताबिक, कप्तान के तौर पर कई ऐसे फैसले लेने पड़े जिन्हें समझना हर किसी के लिए आसान नहीं था और कुछ फैसलों की व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि टीम को बेहतर बनाने और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से उन्होंने कई बार अपनी व्यक्तिगत प्रदर्शन और विकास की प्राथमिकताओं को पीछे रखा।
हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि उन्होंने टीम के साथ मुश्किल दौर, आलोचना और निराशा के साथ-साथ जीत और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी देखा है। उनका मानना है कि भारतीय टीम इस समय प्रतिभा, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं के लिहाज से अच्छी स्थिति में है।
कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी
हरमनप्रीत के बयान का सबसे अहम हिस्सा उनका भविष्य है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह भारतीय क्रिकेट से दूर नहीं जा रही हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद वह अब बिना कप्तानी के दबाव के खिलाड़ी के तौर पर योगदान देना चाहती हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी समाप्त हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार खत्म नहीं होगा। उन्होंने टीम के साथ फिर से खेल के प्रति अपने जुनून के लिए खेलने की इच्छा जताई।
इसलिए मौजूदा फैसले को हरमनप्रीत के अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने केवल कप्तानी छोड़ी है और खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर जारी रहेगा।
2025 में भारत को पहली महिला वनडे विश्व कप ट्रॉफी दिलाई
हरमनप्रीत के कप्तानी कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 का महिला वनडे विश्व कप रही। उनकी अगुआई में भारत ने पहली बार ICC महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा था।
हरमनप्रीत ने 2016 में भारत की टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तान बनीं। ICC के अनुसार, उन्होंने भारत की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी लंबे समय तक संभाली।
कप्तान के तौर पर लंबा कार्यकाल
हरमनप्रीत का नेतृत्व सिर्फ विश्व कप तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने 2026 में भी भारतीय टीम की कप्तानी की और जून में ICC के अनुसार वह 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनी थीं। फरवरी 2026 में वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ी भी बनीं।
2026 एशियाई खेलों के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में भी हरमनप्रीत को कप्तान और स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया था।
उनकी कप्तानी में भारत ने 2026 एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक का बचाव किया। इससे पहले टीम ने 2022 में हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था।
अब भारतीय टीम की कप्तानी किसके पास होगी?
हरमनप्रीत के पद छोड़ने के बाद भारतीय महिला टीम के नए कप्तान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में स्मृति मंधाना का नाम संभावित दावेदार के तौर पर सामने आया है, लेकिन 6 अक्टूबर तक नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
BCCI की ओर से नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही इस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
हरमनप्रीत का कप्तानी अध्याय ऐसे समय में समाप्त हुआ है जब उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को उसका पहला वनडे विश्व कप दिलाने के साथ टीम को कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में नेतृत्व दिया। अब उनकी भूमिका कप्तान की जगह एक वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर होगी।
फैक्ट-चेक नोट: 6 अक्टूबर 2026 तक नए भारतीय महिला कप्तान के नाम की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं मिली। इसलिए स्मृति मंधाना को नए कप्तान के रूप में निश्चित तथ्य की तरह प्रस्तुत नहीं किया गया है।