उत्तर प्रदेश में पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ और सीतापुर समेत 7 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में मंगलवार को बाढ़ के पानी में छह दोस्त बह गए। हादसे में 19 वर्षीय विमल कुमार की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य युवकों को बचा लिया गया। इस बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। उत्तराखंड और हरियाणा के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है।
लखनऊ में बाढ़ के पानी में बहे 6 दोस्त
लखनऊ के इटौंजा इलाके के लासा गांव में मंगलवार सुबह छह दोस्त बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, एक दोस्त को बचाने के प्रयास में विमल कुमार गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में बह गया। बचाव अभियान के बाद उसका शव बरामद किया गया। पांच अन्य युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। फैजुल्लागंज, मड़ियांव, घैला, दौलतगंज और गोमती नगर विस्तार समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर बताया गया है। फैजुल्लागंज में बड़ी संख्या में घरों में पानी घुसने की रिपोर्ट सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, लखनऊ में हाल की बाढ़ का एक कारण ऊपरी गोमती बेसिन में हुई भारी बारिश से आया पानी भी है। रिपोर्टों में बताया गया है कि ऊपर के क्षेत्रों से पानी पहुंचने में कई दिन लगे, जिसके कारण शहर में स्थानीय बारिश कम होने के बावजूद गोमती का जलस्तर बढ़ा।
यूपी के कई जिलों में बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद कई नदियों में पानी बढ़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों में लखनऊ और सीतापुर समेत 7 जिलों को बाढ़ से प्रभावित बताया गया है। गोंडा में भी कई गांवों में बाढ़ का पानी बना हुआ है। घाघरा और सरयू के जलस्तर तथा कटान से निचले इलाकों में परेशानी की खबरें हैं।
हालांकि, बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों में 7 जिले, जबकि इससे पहले की रिपोर्टों में 11 जिलों तक प्रभावित होने की बात कही गई थी। इसलिए मौजूदा स्थिति के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों के ताजा आंकड़ों को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।
उत्तराखंड और हरियाणा में ओलावृष्टि
उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की स्थिति बनी है। मौसम विभाग के 7 अक्टूबर के अपडेट के मुताबिक उत्तराखंड में 7 से 10 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। उत्तराखंड के लिए 7 अक्टूबर को भी आंधी, बिजली और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी जारी की गई है।
मंगलवार को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी रिपोर्ट सामने आई। हरियाणा के पंचकूला में भी ओलावृष्टि दर्ज होने की जानकारी है। यमुनानगर में बारिश के कारण खुले में रखी धान की फसल और मंडियों में खड़ी ट्रॉलियों पर रखी उपज भी प्रभावित हुई।
बिहार में भी बाढ़ का असर
बिहार के कई जिलों में बारिश के साथ नदियों का जलस्तर बढ़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मुंगेर, गया, बांका और मोतिहारी में मंगलवार को बारिश हुई। गंगा और गंडक के बढ़े जलस्तर के बीच छह जिलों के सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। एक रिपोर्ट में करीब 466 गांवों और लगभग 8 लाख लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख है। इस आंकड़े की स्वतंत्र सरकारी पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट रूप से नहीं मिली है, इसलिए इसे संबंधित रिपोर्ट के आंकड़े के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
एमपी समेत कई राज्यों में बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 7 अक्टूबर के अपडेट के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक तथा बिजली के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तराखंड में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 अक्टूबर तक बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। बिहार में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
7 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। आधिकारिक आईएमडी चेतावनी में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों का उल्लेख है। इसलिए केवल 9 राज्यों तक मौसम के असर को सीमित मानना सही नहीं होगा; आईएमडी का व्यापक पूर्वानुमान इससे अधिक क्षेत्रों के लिए जारी है।
अगले दो दिनों में क्या स्थिति रहेगी?
आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 7 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। 8 अक्टूबर को भी कुछ हिस्सों में ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों और सुरक्षित स्थानों पर जाने संबंधी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा।
संपादकीय सत्यापन नोट: “यूपी के 7 जिले” और बिहार में “466 गांव/8 लाख प्रभावित” जैसे आंकड़े उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में हैं, लेकिन सभी आंकड़ों की समान स्तर की स्वतंत्र सरकारी पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली। इसलिए लेख में इनका attribution रखा गया है और इन्हें अंतिम प्रशासनिक आंकड़ा नहीं बताया गया है।