फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुए कॉकपिट हमले की जांच में कथित साजिश की नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के बाद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। शुरुआती इजरायली जांच के हवाले से यह भी कहा गया है कि वह अकेले कार्रवाई कर रहा था। हालांकि, मामले की अंतिम जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 3 अक्टूबर को कहा था कि FZ1073 की घटना की जांच में सामने आया कि को-पायलट ने आतंकवादी कार्रवाई का प्रयास किया। उनके मुताबिक, उसने उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला किया और विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। UAE की जांच एजेंसियां घटना के मकसद, संभावित संपर्कों और डिजिटल व भौतिक सबूतों की जांच कर रही हैं।
तेल अवीव में विमान टकराने की कथित योजना
इतालवी अखबार Corriere della Sera की जांच के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अल-हमामी ने पहले से ऐसी योजना बनाई थी जिसमें कैप्टन को चुपचाप मारकर विमान का नियंत्रण हासिल करना था। इसके बाद विमान को सामान्य तरीके से तेल अवीव ले जाकर किसी इमारत या बेन गुरियन एयरपोर्ट के आसपास किसी लक्ष्य से टकराने की योजना बताई गई है।
रिपोर्टों में इसे 9/11 जैसी शैली की साजिश से तुलना की गई है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि विमान को किसी इमारत से टकराने की योजना और 9/11 से तुलना जांच रिपोर्टों में सामने आए दावों का हिस्सा है, न कि किसी अदालत द्वारा स्थापित तथ्य। UAE की ओर से जारी आधिकारिक बयान में अब तक घटना को आतंकवादी कार्रवाई का प्रयास बताया गया है, लेकिन पूरी साजिश का विस्तृत अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
क्या इंजन बंद करने की भी कोशिश हुई?
घटना की एक अन्य जांच में यह आशंका जताई गई है कि जब यात्रियों और चालक दल के हस्तक्षेप से विमान को अपने नियंत्रण में लेने की उसकी कोशिश नाकाम होने लगी, तब अल-हमामी ने विमान को गिराने की दूसरी कोशिश की।
Corriere della Sera की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच को ‘Run’ से ‘Cutoff’ स्थिति में किया था। विमान में आपातकालीन लाइटें जलने और तेजी से ऊंचाई कम होने को भी इस संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है।
फ्लाइट के दौरान विमान करीब 16,000 फीट की ऊंचाई लगभग 30 सेकंड में खो बैठा था। यात्रियों और विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को फिर नियंत्रण में लाया गया और बाद में सऊदी अरब के ताबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।
कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर अल-हमामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। UAE के आधिकारिक बयान के मुताबिक, उसने आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया और विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने को-पायलट को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
जांच में अकेले कार्रवाई के संकेत
इजरायली जांच से जुड़े शुरुआती निष्कर्षों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि अल-हमामी ने कथित तौर पर अकेले ही हमले की योजना बनाई और उसके पीछे किसी आतंकी संगठन के सीधे निर्देश के संकेत अभी सामने नहीं आए हैं। The Jerusalem Post ने इजरायली अधिकारियों के हवाले से उसे ‘lone wolf’ हमलावर के तौर पर जांचे जाने की बात कही है।
हालांकि, यह निष्कर्ष अभी अंतिम नहीं माना जा सकता। UAE के अटॉर्नी जनरल ने साफ कहा है कि जांच में घटना की परिस्थितियों, मकसद और संभावित संपर्कों की पड़ताल जारी है तथा तकनीकी, भौतिक और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है।
पहले भी उड़ान से हटाया गया था
अल-हमामी के पिछले विमानन रिकॉर्ड को लेकर भी जांच चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पहले ओमान एयर से जुड़ा था, लेकिन कथित तौर पर चरमपंथी विचारों को लेकर उसे उड़ान से हटा दिया गया था। इसके बाद वह फ्लाईदुबई से जुड़ा और फरवरी 2026 में कंपनी में काम शुरू करने की जानकारी सामने आई है।
इसी वजह से अब यह सवाल भी जांच के केंद्र में है कि उसके पिछले रिकॉर्ड की जानकारी नई एयरलाइन तक किस स्तर तक पहुंची और वह तेल अवीव जाने वाली उड़ान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
विमान सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद ओमान, UAE और इजरायल में विमानन सुरक्षा और पायलटों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर सवाल उठे हैं। UAE ने 1 अक्टूबर को ही इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी थी। उस समय अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी और अटकलें फैलाने से बचने को कहा था।
UAE के मुताबिक, FZ1073 UAE में पंजीकृत विमान था और इसलिए विमान के भीतर हुए अपराध की जांच पर UAE के कानून लागू होते हैं। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले की पूरी योजना क्या थी, इंजन बंद करने की कोशिश वास्तव में हुई थी या नहीं और आरोपी के किसी अन्य व्यक्ति या संगठन से संबंध थे या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में तेल अवीव में विमान को इमारत से टकराने की कथित योजना और अकेले कार्रवाई करने की बात जांच रिपोर्टों पर आधारित है, जबकि UAE की आधिकारिक जांच ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई का प्रयास बताया है। मामले के अंतिम निष्कर्ष का अभी इंतजार है।
संपादकीय सत्यापन नोट: विमान को तेल अवीव की इमारत से टकराने की कथित योजना, अकेले कार्रवाई और इंजन बंद करने की आशंका अभी पूर्ण अंतिम आधिकारिक जांच रिपोर्ट से स्थापित तथ्य नहीं हैं। इन्हें रिपोर्टों/जांच से जुड़े स्रोतों के दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।