ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर गांव स्थित शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी से कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़ दी गईं और खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का दावा किया गया है। मामले के सामने आने के बाद बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस को अब तक कम से कम 16 शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है।
कैसे सामने आया PNB में कथित गड़बड़ी का मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला तब सामने आया जब कुछ खाताधारक अपने खातों से पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे। पूछताछ के दौरान उन्हें पता चला कि उनके खातों में जमा रकम अपेक्षा से काफी कम है या उनकी FD बंद हो चुकी है। इसके बाद कई ग्राहकों ने बैंक अधिकारियों से जानकारी मांगी और पुलिस से शिकायत की।
बैंक की इस शाखा में ऐच्छर, बिरौंडी, बिरौंडा और आसपास के गांवों के लोग खाते रखते हैं। इनमें ऐसे किसान भी शामिल हैं, जिन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले मिले मुआवजे की रकम बैंक में जमा कराई थी।
ग्राहकों की शिकायतों के अनुसार, कुछ खातों से बड़ी रकम निकाली गई, जबकि कुछ मामलों में FD तोड़कर पैसे कथित तौर पर दूसरे खातों में भेजे गए। हालांकि, इन लेन-देन की पूरी प्रक्रिया और रकम के अंतिम ठिकाने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किसी खाते में 94 लाख की जगह बचे 16 हजार रुपये
मीडिया रिपोर्टों में बिरोंडा गांव के गौतम की शिकायत का उल्लेख है। उनके मुताबिक, उनके पिता के खाते में करीब 94 लाख रुपये जमा थे। परिवार को 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ने पर जब बैंक से रकम निकालने की कोशिश की गई, तो खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने की जानकारी मिली।
गौतम का दावा है कि बैंक से जानकारी लेने पर खाते में केवल करीब 16 हजार रुपये बचे होने का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत की और जमा रकम का हिसाब मांगा।
यह मामला सामने आने के बाद दूसरे खाताधारकों ने भी अपने खातों और FD में गड़बड़ी की शिकायतें कीं। हालांकि, प्रत्येक खाते में रकम की वास्तविक स्थिति बैंक रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की रकम पर भी सवाल
एक अन्य मामले में खाताधारक ने आरोप लगाया कि उनकी मां के खाते में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर करीब 1.29 करोड़ रुपये जमा हुए थे। परिवार का कहना है कि इसमें से लगभग 10 से 15 लाख रुपये ही निकाले गए थे, लेकिन बाद में खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम कम मिली।
इस शिकायत ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने जमीन के मुआवजे से मिली रकम बैंक में जमा कराई थी। हालांकि, इस मामले में भी वास्तविक नुकसान, लेन-देन का विवरण और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
मामले की जानकारी सामने आने के बाद PNB के क्षेत्रीय कार्यालय ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है और बैंक स्तर पर कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की गई है।
निलंबन को मामले में विभागीय कार्रवाई के तौर पर देखा जाना चाहिए। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि संबंधित कर्मचारी दोषी हैं। उनकी भूमिका और किसी भी संभावित वित्तीय अनियमितता का अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही निकलेगा।
पुलिस को मिलीं शिकायतें, जांच जारी
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट से जुड़ी जानकारी के अनुसार, थाना बीटा-2 क्षेत्र की इस बैंक शाखा से संबंधित मामले में अब तक 16 लोगों ने शिकायत दी है। शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए एसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिए गए हैं।
जांच में यह पता लगाना होगा कि खातों से रकम किस प्रक्रिया के तहत निकाली गई, FD समय से पहले कैसे बंद हुईं, रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और संबंधित लेन-देन में किन लोगों की भूमिका रही।
कितनी रकम गायब हुई, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं
शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, इसे अंतिम रूप से प्रमाणित नुकसान नहीं माना जा सकता। एक किसान संगठन की ओर से इससे अधिक रकम के गबन का दावा भी रिपोर्ट किया गया है, लेकिन उसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
बैंक की ओर से मामले में खाताधारकों की पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, सभी प्रभावित खातों की सूची, कुल रकम और वापसी की निश्चित समयसीमा को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल मामले में पुलिस और बैंक की जांच महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित हेराफेरी की वास्तविक रकम, जिम्मेदार लोगों और खाताधारकों को हुए नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
सत्यापन संबंधी नोट: 28 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर खबर तैयार की गई है। करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, प्रभावित खातों की कुल संख्या और रकम की वापसी की स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पंजाब नेशनल बैंक का विस्तृत आधिकारिक बयान भी इन रिपोर्टों में उपलब्ध नहीं था। आरोपों को जांच के अधीन रखा गया है।