उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वोटों की गिनती के लिए लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में कुल सात मतगणना केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के निर्देशन में कराई जाएगी। प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रेक्षक भी तैनात रहेंगे। अधिकारियों को मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सात शहरों में कहां होगी मतगणना
निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार मतगणना के लिए केंद्र इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:
- लखनऊ: स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना रमाबाई रैली स्थल के हॉल नंबर-7 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना हॉल नंबर-8 में होगी।
- वाराणसी: स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वोट स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के हॉल नंबर-1 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के वोट हॉल नंबर-2 में गिने जाएंगे।
- आगरा: नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति, टूंडला रोड के हॉल नंबर-1 में स्नातक और हॉल नंबर-2 में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना होगी।
- मेरठ: मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी की गांधी हॉल बिल्डिंग में दोनों सीटों की मतगणना होगी।
- झांसी: इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज के कोठारी हॉल के हॉल नंबर-1 में होगी।
- बरेली: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के वोट संजय कम्युनिटी हॉल में गिने जाएंगे।
- गोरखपुर: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कॉमर्स बिल्डिंग के हॉल नंबर-1 और 2 में होगी।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
इन 11 सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को कराया गया था। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर मतदान प्रतिशत 54.58 फीसदी रहा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत कई सीटों पर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा।
सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना प्रक्रिया को निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार कराने और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने को कहा है।
विधान परिषद के इन चुनावों में एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) के जरिए मतदान होता है। इसी वजह से मतगणना सामान्य चुनावों की तुलना में अधिक समय ले सकती है। इसके लिए अतिरिक्त प्रशिक्षित कर्मचारियों को रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सभी की नजरें मतगणना के रुझानों और परिणामों पर हैं। सात शहरों में शुरू होने वाली मतगणना के बाद 11 विधान परिषद सीटों के नतीजे सामने आएंगे।