नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को संसद से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला। विपक्षी दलों की मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। मार्च को दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग कार्यालय के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़े और हाथ में तिरंगा लेकर उसे लहराया।
राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
संसद से चुनाव आयोग तक निकला मार्च
विपक्षी सांसद मंगलवार सुबह संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर रवाना हुए। मार्च में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च में करीब 19 विपक्षी दलों की भागीदारी रही।
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई विपक्षी सांसद मार्च में मौजूद थे।
विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form 6 में बदलाव को लेकर विवाद है।
बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
मार्च को पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग कार्यालय के सामने रोक दिया। यह इलाका आकाशवाणी भवन से आगे निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ता है। सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने से रोका तो विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए।
इसी दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराया। घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
Form 6 को लेकर क्या है विवाद?
विपक्ष का विरोध मुख्य रूप से SIR के दौरान मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया और Form 6 से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को लेकर है। Form 6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि SIR के दौरान Form 6 के साथ जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के फैसले में बरकरार रखा गया था। आयोग ने यह भी कहा था कि SIR की अवधि के बाहर Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म इस्तेमाल किए जाएंगे।
हालांकि, 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि उसने Form 6 में किए गए किसी संशोधन को मंजूरी नहीं दी है। अदालत ने रिकॉर्ड मंगाकर यह देखने की बात कही कि बदलाव किसने किए थे। यह सुनवाई CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं और Form 6 से जुड़े विवाद के संदर्भ में हुई।
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने अपने विरोध को और तेज कर दिया है। विपक्षी दल Form 6 में बदलाव की प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मत बताया है और Form 6 से जुड़े अपने रुख को पहले स्पष्ट किया था।
चुनाव आयोग के मुताबिक ज्ञानेश कुमार CEC हैं
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। आयोग की वेबसाइट पर वर्तमान में ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के नाम दर्ज हैं।
मंगलवार का विरोध ऐसे समय हुआ है जब SIR और Form 6 को लेकर चुनाव आयोग तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक और कानूनी विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले से संबंधित सुनवाई जारी है। इसलिए अब आगे की कार्रवाई में अदालत की सुनवाई और चुनाव आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड पर नजर रहेगी।
संपादकीय सत्यापन नोट: राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने, तिरंगा लहराने और विपक्षी मार्च को रोके जाने की घटना 6 अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्टों से सत्यापित है। Form 6 को लेकर चुनाव आयोग के 26 सितंबर के रुख और सुप्रीम कोर्ट की 5 अक्टूबर की टिप्पणी के बीच अंतर को लेख में दोनों पक्षों के रूप में रखा गया है; किसी पक्ष के आरोप को न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।