नई दिल्ली/रायपुर, 7 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का 7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय के मुताबिक, दौरा “अपरिहार्य कारणों” से टाला गया है। नई तारीख अभी तय नहीं की गई है।
दौरा ऐसे समय स्थगित हुआ है जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संसद में उन्हें हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित करने के आधिकारिक कारण के तौर पर केवल अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया गया है। इसे सीधे तौर पर विपक्षी विरोध या इस्तीफे की मांग से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित था दौरा
ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा दो दिन का प्रस्तावित था। कार्यक्रम के तहत उन्हें दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी माता मंदिर, बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात और कबीरधाम जिले में भोरमदेव मंदिर जाना था। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके दौरे के दौरान उन्हें राज्य अतिथि का दर्जा भी दिया था।
दौरे को लेकर रायपुर प्रशासन, पुलिस और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से सुरक्षा और अन्य तैयारियां की जा रही थीं। अब राज्य के CEO कार्यालय के अनुसार, चुनाव आयोग से नई तारीख मिलने के बाद संशोधित कार्यक्रम साझा किया जाएगा।
इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध हाल के दिनों में तेज हुआ है। 6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में CEC के इस्तीफे का मुद्दा भी शामिल था। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
विपक्ष SIR के तहत मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और मतदाता सूची की समीक्षा की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा है। इसलिए विपक्ष के आरोपों को आयोग के स्थापित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
महाभियोग प्रस्ताव की भी चर्चा
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्षी दलों की ओर से संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। सितंबर में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि विपक्ष दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने के लिए कानूनी विशेषज्ञों के साथ मसौदा तैयार कर रहा है।
हालांकि, दौरा स्थगित होने और किसी औपचारिक महाभियोग/हटाने की प्रक्रिया के बीच सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ CEO कार्यालय ने दौरा स्थगित करने के लिए सिर्फ अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया है।
पहले भी टल चुके हैं कई दौरे
ज्ञानेश कुमार के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले उत्तर प्रदेश, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े उनके कुछ प्रस्तावित कार्यक्रमों के स्थगित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। इन मामलों में भी अलग-अलग परिस्थितियां और कारण बताए गए हैं, इसलिए सभी स्थगनों को एक ही वजह से जोड़ना उचित नहीं होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार का पद और वर्तमान स्थिति चुनाव आयोग की आधिकारिक अधिकारियों की सूची में भी दर्ज है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ दौरे की नई तारीख घोषित नहीं हुई है। चुनाव आयोग की ओर से संशोधित कार्यक्रम मिलने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
संपादकीय सत्यापन नोट: छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित करने का आधिकारिक कारण उपलब्ध रिपोर्टों में “अपरिहार्य कारण” बताया गया है। इसे विपक्षी दबाव, इस्तीफे की मांग या प्रस्तावित महाभियोग से सीधे जोड़ने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए लेख में दोनों घटनाक्रमों को अलग-अलग रखा गया है।