महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद सामने आए हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोनों दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। शिंदे की शिवसेना ने मंगेश चिवटे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि BJP ने कौस्तुभ गावडे को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस घटनाक्रम से 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधान परिषद चुनाव में गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल को लेकर सवाल उठे हैं।
पुणे शिक्षक सीट पर BJP और शिंदे की शिवसेना आमने-सामने
इंडियन एक्सप्रेस की 6 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख के आसपास पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के दोनों सहयोगी दलों के बीच उम्मीदवार को लेकर असहमति सामने आई। BJP पहले ही इस सीट से कौस्तुभ गावडे को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी। इसके बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मंगेश चिवटे को मैदान में उतार दिया।
इस फैसले का सीधा मतलब है कि गठबंधन के दोनों दल इस सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ चुनावी मुकाबले में हैं। ऐसे में महायुति के लिए अपने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखना चुनौती हो सकता है।
महायुति में सीट बंटवारे पर क्या सहमति बनी थी?
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए महायुति में 3:1:1 का सीट बंटवारा तय किया गया था। इसके तहत BJP को तीन, शिवसेना को एक और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एक सीट मिली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, BJP को पुणे स्नातक, पुणे शिक्षक और नागपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना था। NCP के हिस्से में संभाजीनगर स्नातक सीट आई, जबकि शिंदे की शिवसेना को अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र दिया गया।
पुणे स्नातक सीट को लेकर भी सहयोगी दलों ने दावेदारी की थी, लेकिन BJP ने इसे छोड़ने से इनकार कर दिया। इस पृष्ठभूमि में पुणे शिक्षक सीट पर दोनों दलों के अलग-अलग उम्मीदवारों का उतरना सीट बंटवारे की सहमति और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच अंतर को सामने लाता है।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
टाइम्स ऑफ इंडिया की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति में मतभेद की अटकलों के बीच कहा कि उन्हें सभी सीटों पर गठबंधन उम्मीदवारों की जीत का भरोसा है। पुणे की सीटों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि शिवसेना और NCP के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता BJP के दोनों उम्मीदवारों के लिए काम करेंगे।
फडणवीस का यह बयान गठबंधन में समन्वय बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, पुणे शिक्षक सीट पर शिंदे की शिवसेना के उम्मीदवार की मौजूदगी के बीच यह स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों दल चुनावी मैदान में किस तरह तालमेल बैठाएंगे।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। इनमें पुणे, औरंगाबाद और नागपुर की स्नातक निर्वाचन सीटें तथा पुणे और अमरावती की शिक्षक निर्वाचन सीटें शामिल हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।
पुणे शिक्षक सीट पर BJP और शिंदे की शिवसेना के अलग-अलग उम्मीदवार होने से चुनावी मुकाबले के साथ-साथ गठबंधन के अंदरूनी तालमेल पर भी नजर रहेगी। हालांकि, इस एक सीट पर मतभेद को पूरे महायुति गठबंधन में टूट का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी। चुनाव से पहले दोनों दलों की अंतिम रणनीति और उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर आगे आने वाले बयान स्थिति को और स्पष्ट कर सकते हैं।
संपादकीय सत्यापन नोट: लेख का आधार उपलब्ध समाचार रिपोर्टें हैं। उम्मीदवारों के नाम, सीट बंटवारे और चुनाव की तारीखों को इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर शामिल किया गया है। निर्वाचन आयोग की मूल अधिसूचना और दोनों दलों की आधिकारिक उम्मीदवार घोषणाओं का स्वतंत्र सत्यापन इस लेख के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सका है।