चक्रवात अर्नब ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देने के बाद भारी तबाही मचाई। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। तेज हवाओं और भारी बारिश से पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, कई जगह सड़कें बाधित हुईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। ओडिशा के भी कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया।
चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश-यानम तट को बुधवार तड़के पार किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच हुई। इसके बाद सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हुआ और इसका असर अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ा।
आंध्र प्रदेश में पांच मौतों की पुष्टि
मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार को पांच लोगों की मौत की पुष्टि की। रिपोर्टों के मुताबिक, मौतें बिजली के करंट लगने, पेड़ या बिजली के खंभे गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं से हुईं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
चक्रवात के दौरान कई तटीय जिलों में भारी बारिश हुई। पश्चिम गोदावरी जिले के कलेक्टर सी. नागरानी के मुताबिक, करीब 4,000 पेड़ उखड़ गए, जिससे प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में करीब 15,000 बिजली के खंभे उखड़े हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं। हजारों लोगों को निचले और तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
ओडिशा में भी भारी बारिश और नुकसान
चक्रवात का असर पड़ोसी ओडिशा में भी रहा। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। गजपति सहित दक्षिणी जिलों में प्रशासन ने पहले से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। राज्य सरकार के मुताबिक, 43,827 लोगों को 634 राहत केंद्रों में पहुंचाया गया था।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में पांच मौतों की पुष्टि आंध्र प्रदेश में हुई है। ओडिशा में मौतों की संख्या को पांच में शामिल करने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए पांच मौतों का आंकड़ा आंध्र प्रदेश के लिए ही माना जाना चाहिए।
आज छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश
चक्रवात कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका बचा हुआ मौसम तंत्र और दूसरे मौसमी सिस्टम देश के कई हिस्सों में बारिश करा सकते हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगह अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।
इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान और उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। कुछ पश्चिमी हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 29-30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगह अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बताया गया है।
15 राज्यों में बारिश का दावा कितना सही?
कुछ रिपोर्टों में अर्नब के प्रभाव और अन्य मौसमी प्रणालियों के चलते करीब 15 राज्यों में बारिश की बात कही गई है। हालांकि, IMD का पूर्वानुमान अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग तीव्रता और समय बताता है। इसलिए सभी 15 राज्यों में एक जैसी या भारी बारिश होने का दावा करना सही नहीं होगा।
बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम ठंडा महसूस होगा। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, यह स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
चक्रवात अर्नब अब कमजोर हो चुका है, लेकिन इसके अवशेषों से जुड़ी नमी और पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण अगले एक-दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
संपादकीय सत्यापन नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में आंध्र प्रदेश में पांच मौतों की मुख्यमंत्री द्वारा पुष्टि हुई है। एक बाद की स्थानीय रिपोर्ट ने सात मौतों का दावा किया है, लेकिन उसी रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने पांच मौतों की ही पुष्टि की है। इसलिए इस लेख में आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए पांच मौतों के आंकड़े को ही इस्तेमाल किया गया है।