मध्य प्रदेश के भिंड जिले में कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामले में देहात थाना पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 52 वर्षीय एक व्यक्ति को आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये मांगे गए थे। पीड़ित ने आरोपियों को एक लाख रुपये देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फोन पर बातचीत से शुरू हुआ मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामले की शुरुआत एक महिला के फोन कॉल से हुई। आरोप है कि महिला ने पीड़ित से रिश्तेदारी का हवाला देकर बातचीत शुरू की और उसका विश्वास जीतने के बाद उसे मिलने के लिए बुलाया।
बताया गया है कि 5 अक्टूबर 2026 को महिला ने पीड़ित को भिंड में सर्किट हाउस के पास बुलाया। इसके बाद वह उसे रछेड़ी रोड स्थित कृष्णा नगर इलाके में एक घर ले गई। आरोप है कि वहां दोनों के बीच बने संबंधों का मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे पांच लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, वीडियो रिकॉर्ड किए जाने के बाद आरोपियों ने उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी। पीड़ित को दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है।
रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर पांच लाख रुपये की मांग की। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित ने एक लाख रुपये दे दिए। इसके बावजूद कथित तौर पर रुपये की मांग जारी रही, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद देहात थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने विश्वनाथ उर्फ बिज्जू और महिला आरोपी बेबी जाटव को गिरफ्तार किया है। मामले में बबलू उपाध्याय समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मीडियावाला की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई थी।
अन्य संभावित पीड़ितों की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरीके से निशाना बनाया था या नहीं। फरार आरोपियों की तलाश और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी होने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है।
फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
सत्यापन संबंधी नोट: घटना के मुख्य विवरण की पुष्टि कई मीडिया रिपोर्टों से होती है। इस लेख के लिए पुलिस की मूल प्रेस विज्ञप्ति या प्राथमिकी की स्वतंत्र प्रति उपलब्ध नहीं हुई। इसलिए गिरफ्तारी, कथित वसूली और अन्य घटनाक्रम को पुलिस के हवाले से मिली जानकारी या आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है।