जयपुर एयरपोर्ट पर बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट AI-2030 की आपात लैंडिंग कराई गई। विमान को एक सुरक्षा अलर्ट के बाद दिल्ली के बजाय जयपुर डायवर्ट किया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, विमान से कुछ समय के लिए Squawk 7500 कोड प्रसारित हुआ था, जिसे विमान के संभावित हाईजैक या अवैध कब्जे का संकेत माना जाता है। विमान की जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग हुई।
अहमदाबाद ATC को मिला अलर्ट
रिपोर्टों के अनुसार, विमान के भारतीय हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचने के दौरान अहमदाबाद Air Traffic Control (ATC) को सुरक्षा संबंधी अलर्ट मिला। इसके बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई और विमान को जयपुर की ओर मोड़ने का फैसला किया गया।
विमान के जयपुर पहुंचने के बाद उसे आइसोलेशन बे में रखा गया। वहां CISF, स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते समेत सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और सामान की जांच शुरू की।
यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतारा गया
Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर एयरपोर्ट के निर्धारित होल्डिंग एरिया में ले जाया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विमान और यात्रियों के सामान की सुरक्षा जांच की गई।
हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
बम की धमकी या हाईजैक अलर्ट? स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं
इस घटना को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में विमान में बम होने की आशंका या बम की धमकी का उल्लेख किया गया है, जबकि Hindustan Times ने एयरपोर्ट के एक अधिकारी के हवाले से इसे हाईजैक की अफवाह बताया है। अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और अभी आधिकारिक तौर पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
लब्ध रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट के स्रोत और उसकी वास्तविक प्रकृति की जांच कर रही हैं।
क्या है Squawk 7500?
Squawk 7500 विमान के ट्रांसपोंडर से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय आपात संकेत है, जिसका इस्तेमाल विमान के अपहरण या उस पर गैरकानूनी कब्जे की स्थिति बताने के लिए किया जाता है। AI-2030 से इस कोड के कथित तौर पर कुछ समय के लिए प्रसारित होने की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं।
हालांकि, केवल इस संकेत के प्रसारित होने से यह साबित नहीं होता कि विमान वास्तव में हाईजैक हुआ था। इस मामले में जांच का उद्देश्य यही पता लगाना है कि अलर्ट किस वजह से सक्रिय हुआ।
एयर इंडिया की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
रिपोर्ट प्रकाशित होने तक एयर इंडिया या एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से घटना के कारण और अलर्ट की वास्तविक प्रकृति पर विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं था। इसलिए विमान में बम मिलने, हाईजैक की पुष्टि होने या अलर्ट को फर्जी घोषित किए जाने संबंधी किसी निष्कर्ष को अभी अंतिम तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि AI-2030 से हाईजैक अलर्ट किस परिस्थिति में प्रसारित हुआ और विमान को जयपुर डायवर्ट करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
Verification Note: घटना के मूल कारण और यह स्पष्ट होने के लिए कि Squawk 7500 किस परिस्थिति में सक्रिय हुआ, आधिकारिक एयरलाइन/एयरपोर्ट या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के विस्तृत बयान का इंतजार है। उपलब्ध रिपोर्टों में बम धमकी और हाईजैक अलर्ट को लेकर अंतर है।