नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि कांग्रेस को 2029 के आम चुनाव में लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। 13 अक्टूबर को दिए गए बयान में शाह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की भारी बहुमत से जीत का भरोसा जताया और कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। उनका बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के बीच आया है।
SIR विवाद पर अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने चुनावी नतीजों के लिए SIR प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराने के कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए, न कि हर हार के लिए चुनाव आयोग या मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
शाह ने अपने बयान में तर्क दिया कि SIR की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि कांग्रेस को कई राज्यों में इससे पहले भी चुनावी हार का सामना करना पड़ा था। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए और 2029 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की हार का दावा किया।
गौरतलब है कि SIR मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इस मुद्दे पर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है।
2029 में NDA की जीत का दावा
शाह ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी और NDA के साथ है। उन्होंने 2029 के आम चुनाव में गठबंधन की भारी बहुमत से जीत की संभावना जताई और कांग्रेस की लगातार चौथी हार का दावा किया।
हालांकि, यह अमित शाह का राजनीतिक आकलन और चुनावी दावा है। 2029 के लोकसभा चुनाव के नतीजे अभी भविष्य की बात हैं और उनका निर्धारण मतदाताओं के फैसले से होगा।
गुजरात के निकाय चुनावों का भी किया जिक्र
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने गुजरात में भाजपा के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की जीत को कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय बताया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की सफलता का हवाला देते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि SIR को कांग्रेस की चुनावी हार का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।
विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच SIR पर विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े विरोध-प्रदर्शन भी किए हैं।
इसी पृष्ठभूमि में अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर पलटवार किया। उनके बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का एक और दौर सामने आया है।
फिलहाल, 2029 के चुनाव को लेकर शाह का बयान दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा है। कांग्रेस की चुनावी रणनीति, विपक्ष की एकजुटता और मतदाता सूची से जुड़े विवाद आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।
संपादकीय सत्यापन नोट: अमित शाह के बयान और उसकी तारीख की पुष्टि समाचार रिपोर्टों से होती है। 2029 में NDA की जीत और कांग्रेस की चौथी हार का उल्लेख उनके राजनीतिक दावे के रूप में किया गया है, न कि सत्यापित चुनावी परिणाम के रूप में। SIR और कांग्रेस की चुनावी हार के बीच संबंध पर शाह के तर्क को स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं माना गया है।