नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026: दिल्ली में 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन का कार्यक्रम तय किया। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में 19 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जिला स्तर पर 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक विपक्षी सांसदों के मार्च और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात की योजना की जानकारी दी।
हालांकि बैठक में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी और डीएमके शामिल नहीं हुए। अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन की व्यस्तता को कारण बताया। समाजवादी पार्टी की ओर से बैठक में प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में क्या फैसले हुए?
बैठक के बाद सामने आए कार्यक्रम के मुताबिक इंडिया गठबंधन ने एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे संयुक्त रूप से अभियान चलाने का फैसला किया है।
मुख्य फैसले इस प्रकार हैं:
- 2 से 8 अक्टूबर: जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और प्रदर्शन किए जाएंगे।
- 6 अक्टूबर: विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
- अक्टूबर का दूसरा सप्ताह: विपक्षी नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे।
- गठबंधन की ओर से देशभर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना है।
- 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने की बात कही गई है।
- एसआईआर से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करने की योजना है।
बैठक में भविष्य के चुनावों में मतपत्र से मतदान की मांग भी उठाई गई। यह इंडिया गठबंधन के नेताओं की मांग है; निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियों पर अपनी कानूनी प्रक्रिया और संस्थागत निर्णयों का बचाव किया गया है।
अखिलेश यादव बैठक में क्यों नहीं पहुंचे?
अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी बैठक से पहले ही चर्चा में थी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि उन्होंने और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अखिलेश यादव से बात की थी और राज्यसभा चुनाव के नामांकन की वजह से वह व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधियों को बैठक में भेजा गया।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर मतभेदों को भी अखिलेश की गैरमौजूदगी के संदर्भ में बताया गया है। यह राजनीतिक विश्लेषण और संबंधित सूत्रों के दावों पर आधारित है, इसलिए इसे स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता। कांग्रेस की ओर से सार्वजनिक रूप से अखिलेश की अनुपस्थिति का कारण राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया ही बताया गया।
आप और डीएमके भी बैठक से बाहर
अखिलेश यादव के अलावा आम आदमी पार्टी और डीएमके ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बैठक से पहले दोनों दलों ने इसमें शामिल नहीं होने की बात कही थी। डीएमके इंडिया गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर चुकी है, हालांकि पार्टी ने संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की किसी विपक्षी कोशिश का समर्थन करने की बात कही थी।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन के भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल होने की जानकारी सामने आई।
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त का मुद्दा केंद्र में
बैठक का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की ओर से चलाया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) रहा। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
विपक्ष की ओर से मतदाता सूची में संभावित गलत तरीके से नाम हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई गई है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने एसआईआर से जुड़े अपने आदेशों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है और आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा कहा है।
19 दलों के नेता बैठक में शामिल
कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहे। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस से उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) से सुप्रिया सुले और अन्य विपक्षी दलों के नेता भी बैठक में शामिल हुए।
कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर 30 सितंबर को संविधान क्लब, नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक और उसके बाद नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस दर्ज की गई है।
बैठक के बाद गठबंधन ने एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम तय किया है। अब इसकी अगली बड़ी गतिविधि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम और 6 अक्टूबर को प्रस्तावित चुनाव आयोग मार्च के रूप में सामने आएगी।
संपादकीय सत्यापन नोट: अखिलेश यादव की अनुपस्थिति के आधिकारिक रूप से बताए गए कारण के तौर पर राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया का उल्लेख कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस-सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर कथित असहमति को अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों ने संदर्भ के रूप में उठाया है, लेकिन इसे बैठक से अनुपस्थिति का स्थापित कारण नहीं माना गया है।