केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती पर पलटवार किया है। 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पदयात्रा के समापन कार्यक्रम में शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी सड़क पर चर्चा करना चाहते हैं तो हरियाणा का कोई भी चौराहा चुन सकते हैं। वहां भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष उनसे चर्चा करने पहुंच जाएंगे। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बाद में आएंगे, पहले राहुल गांधी भाजपा के युवा मोर्चा अध्यक्ष से चर्चा करें।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी थी खुली बहस की चुनौती
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी। यह चुनौती विदेशी ताकतों से कथित संबंधों और देश की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर दी गई थी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए किसी भी मंच और समय पर बहस करने की बात कही थी। उन्होंने इस चर्चा में मीडिया और देश के युवाओं को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा था।
राहुल गांधी ने अपने बयान में विदेशी ताकतों के साथ संबंधों और उनके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्होंने दोबारा भी प्रधानमंत्री को बहस के लिए आमंत्रित किया।
अमित शाह ने संसद में चर्चा का दिया विकल्प
राहुल गांधी की चुनौती का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
गृह मंत्री के मुताबिक, संसद में कानून बनाने, देश की समस्याओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा होनी चाहिए, न कि इन मुद्दों को केवल सड़क पर उठाया जाना चाहिए।
SIR और वोटर लिस्ट को लेकर भी साधा निशाना
अमित शाह ने अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर इस प्रक्रिया का विरोध करने को लेकर सवाल किए।
शाह ने दावा किया कि राहुल गांधी चुनावों में हार के लिए चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने राहुल गांधी के उस दावे पर भी निशाना साधा, जिसमें करीब एक करोड़ वोट हटाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, अमित शाह के राजनीतिक आरोपों और मतदाता सूची से जुड़े दावों को संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
करनाल में भाजपा की पदयात्रा के समापन पर दिया बयान
अमित शाह हरियाणा के करनाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलाया गया।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का इस्तेमाल होना चाहिए।
राहुल गांधी की चुनौती और अमित शाह के जवाब के बाद अब इस राजनीतिक बहस का अगला घटनाक्रम महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, अमित शाह ने संसद में SIR पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की तैयारी की बात कही है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में ऐसे सत्र की कोई निश्चित तारीख या औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
फैक्ट-चेक नोट: अमित शाह के बयान और राहुल गांधी की चुनौती की रिपोर्टिंग उपलब्ध समाचार स्रोतों से मिलाई गई है। SIR को लेकर दोनों पक्षों के राजनीतिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के दायरे में नहीं हुई है। संसद के विशेष सत्र की औपचारिक घोषणा की भी पुष्टि नहीं हुई है।