नवी मुंबई: महाराष्ट्र के नवी मुंबई में गुरुवार रात (5 नवंबर) दो सगी बहनों पर गोलीबारी का मामला सामने आया है। कोपरखैरणे के सेक्टर-1 स्थित एसएस-3 परिसर में घर के बाहर हुई इस घटना में 20 और 22 वर्ष की दोनों बहनें घायल हो गईं। पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन चव्हाण (22) को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमला छोटी बहन के साथ संबंध टूटने के बाद हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह की जांच जारी है।
घटना रात करीब 9:15 बजे की बताई जा रही है। दोनों बहनें अपने घर के बाहर थीं, तभी आरोपी ने कथित तौर पर पिस्तौल से उन पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल बहनों को अस्पताल पहुंचाया गया।
कोपरखैरणे में घर के बाहर हुई वारदात
यह घटना कोपरखैरणे सेक्टर-1 के एसएस-3 परिसर में हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घायल युवतियों के पिता इलाके में लॉन्ड्री का काम करते हैं। घटना के समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे।
पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद कोपरखैरणे पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आरोपी की तलाश शुरू की।
अर्जुन चव्हाण गिरफ्तार, पिस्तौल की तलाश जारी
द टाइम्स ऑफ इंडिया और फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी अर्जुन चव्हाण को स्थानीय लोगों की मदद से इलाके में ही पकड़ लिया। कोपरखैरणे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अमोल देशमुख ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी की तलाश शुरू की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल अभी बरामद नहीं हुई है। पुलिस हथियार की तलाश कर रही है।
ब्रेकअप के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपी का 20 वर्षीय युवती के साथ प्रेम संबंध था। युवती द्वारा संबंध खत्म किए जाने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी नाराजगी में आरोपी ने कथित तौर पर युवती और उसकी बड़ी बहन पर हमला किया।
हालांकि, इस घटनाक्रम और हमले के पीछे की वजह को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच का इंतजार है। इसलिए ब्रेकअप को हमले का अंतिम रूप से स्थापित कारण नहीं माना जा सकता।
दोनों बहनों का अस्पताल में इलाज
घायल बहनों को वाशी स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि छोटी बहन की पीठ में लगी गोली अंदर फंसी हुई थी, लेकिन उससे किसी आंतरिक अंग को नुकसान नहीं पहुंचा था। डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए गोली निकालने की बात कही थी।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डॉक्टरों के अनुसार दोनों बहनें खतरे से बाहर थीं।
दूसरे आरोपी की भूमिका की भी जांच
कुछ मराठी मीडिया रिपोर्टों में राकेश चव्हाण नाम के एक अन्य व्यक्ति को आरोपी का साथी बताया गया है और उसके फरार होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, द टाइम्स ऑफ इंडिया और फ्री प्रेस जर्नल की उपलब्ध रिपोर्टों में दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी या भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल पुलिस के सामने हथियार बरामद करना और गोलीबारी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना अहम है। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
संपादकीय सत्यापन नोट: मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और दोनों बहनों के घायल होने की जानकारी की कई समाचार रिपोर्टों में पुष्टि होती है। हालांकि, गोली चलने की कुल संख्या, दूसरे आरोपी की भूमिका और घायलों को बाद में दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। इन तथ्यों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें लेख में स्थापित तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है।