भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार उस समय सुर्खियों में आ गए, जब फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट के भीतर सह-पायलट के साथ हिंसक झड़प हुई। 30 सितंबर 2026 को हुई इस घटना में मच्छार पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। विमान में 174 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित रहे।
घटना के बाद भारत और इजरायल के शीर्ष नेताओं समेत कई लोगों ने कैप्टन मच्छार की भूमिका की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हीरो बताया, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की तारीफ की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 1 अक्टूबर को मच्छार के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
30 सितंबर को उड़ान के दौरान बिगड़े हालात
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झड़प हुई। फ्लाईदुबई ने कहा कि फ्लाइट डेक में एक घटना हुई और चालक दल ने विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया। सऊदी अरब के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा केंद्र ने भी घटना की जांच शुरू किए जाने की पुष्टि की है।
उपलब्ध उड़ान आंकड़ों के मुताबिक विमान ने अचानक काफी ऊंचाई खोई और बाद में आपात संकेत प्रसारित किए। इसके बाद विमान ने मार्ग बदलकर ताबुक में आपात लैंडिंग की। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, विमान के कप्तान और प्रथम अधिकारी घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
कैप्टन मच्छार ने कैसे संभाली स्थिति?
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने भी बाद में विमान को सुरक्षित उतारने में भूमिका निभाई।
इस घटनाक्रम में यात्रियों की भूमिका को लेकर भी अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में एक इजरायली यात्री के विमान को स्थिर करने में मदद करने की बात कही, लेकिन उन्होंने खुद स्पष्ट किया कि वह यह जानकारी नेतन्याहू से मिली कहानी के आधार पर बता रहे हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उनके पास नहीं थी। इसलिए इस हिस्से के विवरण को अभी सावधानी से देखा जा रहा है।
174 यात्रियों की सुरक्षा के बाद दुनिया भर से तारीफ
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 30 सितंबर को कैप्टन मच्छार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। नेतन्याहू ने उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की तथा उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया। उनके अनुसार, इस घटनाक्रम में 174 लोगों की जान बची, जिनमें इजरायली नागरिक और दूसरे देशों के नागरिक शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार को हीरो बताया। उनके संदेश के मुताबिक, गंभीर खतरे और चोट के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1 अक्टूबर को कहा कि कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ ने लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मच्छार को ‘हीरो’ बताया। हालांकि, ट्रंप ने घटना के कुछ विवरणों को लेकर यह स्पष्ट किया कि वे उन्हें मिली जानकारी साझा कर रहे हैं और उन विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उनके पास नहीं थी।
अस्पताल में चल रहा इलाज
आपात लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को सऊदी अरब के ताबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया कि उनकी सर्जरी हुई और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
घटना के बाद सऊदी अरब के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा केंद्र ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों, विमान की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं और उपलब्ध सबूतों की पड़ताल करना है। फ्लाईदुबई ने भी कहा है कि घटना के कारण और उसके पीछे की वजह औपचारिक जांच के अधीन हैं।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई के रहने वाले स्मित मच्छार के पास वाणिज्यिक विमान उड़ाने का 13 साल से अधिक का अनुभव है। वह बोइंग 737 विमानों पर काम कर चुके हैं और फ्लाईदुबई में जून 2022 से कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने स्पाइसजेट में भी लंबा समय बिताया था।
रॉयटर्स के अनुसार, मच्छार ने न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण लिया था और उनके पास करीब 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है। विमानन क्षेत्र में आने से पहले उनकी पढ़ाई और करियर की दिशा अलग थी, लेकिन बाद में उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया।
फिलहाल घटना की जांच जारी है। सह-पायलट पर हमले और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से जुड़े आरोपों की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी। फ्लाईदुबई और सऊदी अधिकारियों ने भी घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर औपचारिक जांच की बात कही है।
सत्यापन नोट: शुरुआती रिपोर्टों में विमान में मौजूद लोगों की संख्या को कहीं 174 और कहीं लगभग 180 बताया गया है। आधिकारिक सऊदी परिवहन सुरक्षा जानकारी में 174 यात्रियों का आंकड़ा दिया गया है, इसलिए इस लेख में 174 यात्रियों का आंकड़ा इस्तेमाल किया गया है। यात्रियों की मदद और विमान को स्थिर करने से जुड़े कुछ विवरण विभिन्न प्रत्यक्ष/मीडिया बयानों में अलग-अलग हैं; इसलिए उन्हें निश्चित तथ्य के बजाय संबंधित स्रोतों के बयान के रूप में रखा गया है।