मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बुधवार की कमजोरी के बाद बाजार में लगातार तीसरे सत्र बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 600 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के स्तर के आसपास पहुंच गया। सुबह 9:30 बजे तक निफ्टी 182.80 अंक यानी 0.80 फीसदी नीचे 22,628.55 और सेंसेक्स 581.05 अंक यानी 0.79 फीसदी नीचे 73,128.63 पर कारोबार कर रहा था।
बाद के शुरुआती कारोबार में भी दबाव बना रहा। रॉयटर्स के मुताबिक सुबह 9:50 बजे निफ्टी 0.73 फीसदी गिरकर 22,647.90 और सेंसेक्स 0.49 फीसदी नीचे 73,343.98 पर था। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
बाजार में गिरावट के पीछे कई कारक बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख दबाव कच्चे तेल की कीमतों और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव से जुड़ा है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। महंगे तेल से भारत जैसे बड़े आयातक देश में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ती है।
इसके अलावा एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने भी घरेलू बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। बुधवार को जारी भारत की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के मिनट्स में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत की संभावना का संकेत मिला था।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव?
शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। ऑटो, मेटल, एफएमसीजी और वित्तीय शेयर दबाव में रहे। Maruti Suzuki, Tata Steel और Mahindra & Mahindra प्रमुख कमजोर शेयरों में शामिल रहे।
Mahindra & Mahindra Financial Services के शेयरों में भी करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रॉयटर्स के अनुसार, बढ़ती फंडिंग लागत को लेकर चिंता के बीच कंपनी के शेयर दबाव में आए।
eMudhra के शेयरों में अलग वजह से गिरावट
eMudhra के शेयरों में भी तेज गिरावट रही। कंपनी के वैश्विक वेबसाइट-सर्टिफिकेट कारोबार से जुड़े एक क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा दोष की खबर सामने आने के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने ऐसे आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़े कमजोर प्राइवेट की की समस्या को स्वीकार किया है।
गुरुवार सुबह करीब 10:20 बजे eMudhra का शेयर 13.62 फीसदी गिरकर ₹373.15 पर आ गया था। इससे पहले पिछले सत्र में भी शेयर में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
बुधवार से ही दबाव में था बाजार
गुरुवार की गिरावट अचानक नहीं आई। बुधवार, 21 अक्टूबर को भी भारतीय बाजार कमजोर बंद हुए थे। सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 फीसदी गिरकर 73,709.69 पर और निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 फीसदी नीचे 22,811.35 पर बंद हुआ था। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.58 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.37 फीसदी की गिरावट रही।
इससे पहले बाजार में 22,600-22,650 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बताया गया था। बुधवार के कारोबार में निफ्टी इस क्षेत्र के करीब पहुंचा था।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर?
अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, मध्य-पूर्व की स्थिति, वैश्विक बाजारों के रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहने की स्थिति में व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। वहीं, तेल की कीमतों में राहत या वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से बाजार को कुछ सहारा मिल सकता है।
फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इसे व्यापक बाजार में तेज गिरावट वाला सत्र कहा जा सकता है, लेकिन कारोबार के दौरान स्थिति बदल सकती है। इसलिए शुरुआती कारोबार के आंकड़ों को पूरे दिन के अंतिम प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
संपादकीय नोट: यह रिपोर्ट 22 अक्टूबर 2026 के शुरुआती कारोबार के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। बाजार पूरे दिन खुला रहने के कारण अंतिम क्लोजिंग आंकड़े इससे अलग हो सकते हैं।