पंजाब में करीब 48 घंटे के भीतर दो निजी विश्वविद्यालयों में सामाजिक माध्यमों पर फैली अपुष्ट खबरों के बाद छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया। पटियाला के पास स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में भूत, छात्राओं के लापता होने और आत्महत्या से जुड़ी अफवाहें फैलीं। वहीं, फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या की खबर फैलने से तनाव बढ़ गया। दोनों घटनाओं के दौरान प्रदर्शन, तोड़फोड़ और पुलिस की कार्रवाई की खबरें सामने आईं।
दोनों मामलों में अभी तक सामने आई जानकारी में अंतर है। चितकारा विश्वविद्यालय में कथित आत्महत्या और छात्राओं के लापता होने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय के मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है। प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है।
चितकारा विश्वविद्यालय में भूत की अफवाह से शुरू हुआ विवाद
पटियाला जिले के राजपुरा के पास स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में 25 सितंबर की रात सामाजिक माध्यमों पर एक वीडियो और उससे जुड़ी कई तरह की बातें फैलने लगीं। इनमें छात्रावास में भूत दिखाई देने और लड़कियों की चीखें सुनाई देने के दावे किए गए। इसके बाद दो छात्राओं के लापता होने की चर्चा भी फैल गई।
कुछ छात्रों के बीच यह दावा भी प्रसारित हुआ कि पहले किसी छात्रा ने आत्महत्या की थी और उसकी आत्मा छात्रावास में दिखाई देती है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने आत्महत्या या छात्राओं के लापता होने से जुड़े इन दावों की पुष्टि नहीं की।
पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की। सामने आई खबरों के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पास कथित रूप से लापता छात्राओं के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया कि किसी छात्रा के लापता होने की वास्तविक घटना हुई है या नहीं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों को नुकसान
अफवाहों के बीच बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में जमा हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा तथा पुलिस के वाहनों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं।
पुलिस ने सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित दावों की जांच शुरू की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से अपुष्ट संदेशों और वीडियो पर विश्वास नहीं करने की अपील की।
28 सितंबर को चितकारा विश्वविद्यालय ने एक अक्टूबर तक नियमित शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रखने का निर्णय लिया। उपलब्ध खबरों के अनुसार, इस अवधि में शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यों के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए।
अगले ही दिन लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में दुष्कर्म और आत्महत्या की अफवाह
चितकारा विश्वविद्यालय में हुए घटनाक्रम के अगले दिन फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में भी सामाजिक माध्यमों पर एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या की खबर फैल गई।
छात्रों के बीच यह दावा प्रसारित हुआ कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में एक छात्रा के साथ यौन अपराध हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। इस खबर के बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में जमा हुए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
शुरुआत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं मिली थी। बाद में छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामाजिक माध्यमों पर किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए कथित अपराध और उससे जुड़ी मौत के दावे को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अफवाहों को बताया भ्रामक
लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित खबरों को गलत और भ्रामक बताया। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट सूचनाओं को आगे नहीं फैलाने तथा आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
दूसरी ओर, पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की है। मामले में उपलब्ध डिजिटल जानकारी और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले आरोपों की सत्यता के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और यातायात प्रभावित
लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया। परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर यातायात भी बाधित किया।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। 28 सितंबर तक सामने आई खबरों के अनुसार, मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया था और परिसर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से दस दिनों के लिए कक्षाएं बंद करने का निर्णय लिया। मध्यावधि परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया।
दोनों घटनाओं में सामाजिक माध्यमों पर फैली खबरों की भूमिका
दोनों विश्वविद्यालयों में घटनाक्रम की शुरुआत ऐसी सूचनाओं से हुई, जिनकी तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। चितकारा विश्वविद्यालय में भूत और छात्राओं के लापता होने की बातें फैलीं, जबकि लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की खबर ने छात्रों को प्रदर्शन के लिए एकत्रित किया।
हालांकि, दोनों घटनाओं को एक जैसा मानना उचित नहीं होगा। चितकारा विश्वविद्यालय में कथित आत्महत्या और छात्राओं के लापता होने के दावों की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय के मामले में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
इन घटनाओं में यह अंतर समझना जरूरी है कि सामाजिक माध्यमों पर किसी खबर का तेजी से फैलना उसकी सत्यता का प्रमाण नहीं है। विशेषकर छात्रावास, महिला सुरक्षा, यौन अपराध और आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामलों में बिना पुष्टि की जानकारी से तनाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, चितकारा विश्वविद्यालय में फैली अफवाहों और लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में दर्ज मामले की जांच से ही घटनाओं से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
तथ्य-जांच संबंधी टिप्पणी: चितकारा विश्वविद्यालय में भूत, आत्महत्या और छात्राओं के लापता होने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई। लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में प्राथमिकी दर्ज होने और जांच दल गठित किए जाने की खबर सामने आई है, लेकिन इससे आरोप सिद्ध नहीं होते। प्रकाशन से पहले संबंधित पुलिस अधिकारियों और दोनों विश्वविद्यालयों के आधिकारिक वक्तव्यों से नवीनतम स्थिति की दोबारा पुष्टि करना उचित होगा।