कब्ज़ की समस्या में डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करना मददगार हो सकता है। फल फाइबर के अच्छे स्रोत हैं और इन्हें रोज़ाना के भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, फाइबर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने या ऐंठन की शिकायत भी हो सकती है। इसलिए मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
रोज़ की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं ये 5 फल
अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के अनुसार, फलों में मौजूद फाइबर कब्ज़ की रोकथाम और प्रबंधन में उपयोगी हो सकता है। Mayo Clinic की सूची में भी कई फलों को अच्छे फाइबर स्रोत के तौर पर शामिल किया गया है।
1. रसभरी
रसभरी यानी रास्पबेरी फाइबर से भरपूर फलों में शामिल है। Mayo Clinic के अनुसार, एक कप रसभरी में करीब 8 ग्राम फाइबर होता है। इसे नाश्ते या स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है।
2. नाशपाती
नाशपाती भी फाइबर का अच्छा स्रोत है। एक मध्यम आकार की नाशपाती में करीब 5.5 ग्राम फाइबर पाया जाता है। फाइबर बढ़ाने के लिए इसे साबुत फल के रूप में खाना जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।
3. सेब
सेब को छिलके के साथ खाने पर फाइबर की मात्रा अच्छी रहती है। Mayo Clinic के अनुसार, एक मध्यम सेब, छिलके समेत, करीब 4.5 ग्राम फाइबर देता है। NIDDK भी सेब को फाइबर वाले फलों में गिनता है।
4. संतरा
संतरा सिर्फ विटामिन C का स्रोत नहीं है, इसमें फाइबर भी मिलता है। एक मध्यम संतरे में करीब 3 ग्राम फाइबर होता है। फाइबर पाने के लिए संतरे को साबुत खाना बेहतर है, क्योंकि जूस बनाने पर फल का पूरा हिस्सा नहीं खाया जाता।
5. केला
केला भी रोज़ाना की डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकने वाला फल है। Mayo Clinic के आंकड़ों के अनुसार, एक मध्यम केले में करीब 3 ग्राम फाइबर होता है। इसे नाश्ते या भोजन के बीच स्नैक के रूप में लिया जा सकता है।
फाइबर कब्ज़ में कैसे मदद करता है?
फाइबर मल में मात्रा बढ़ाने और पानी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे मल नरम होकर आसानी से बाहर निकल सकता है। NIDDK के अनुसार, वयस्कों को उम्र और लिंग के आधार पर आम तौर पर 22 से 34 ग्राम फाइबर प्रतिदिन की जरूरत हो सकती है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि तरल पदार्थ फाइबर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति की फाइबर जरूरत एक जैसी नहीं होती। रोज़ाना की कुल डाइट में फल के साथ सब्जियां, दालें और साबुत अनाज भी शामिल किए जा सकते हैं।
कब्ज़ है तो फाइबर अचानक न बढ़ाएं
अगर अभी आपकी डाइट में फाइबर कम है, तो एकदम से बहुत अधिक फल या दूसरे हाई-फाइबर खाद्य पदार्थ खाना उल्टा परेशानी बढ़ा सकता है। Mayo Clinic के मुताबिक, फाइबर तेजी से बढ़ाने पर गैस, पेट फूलना और ऐंठन हो सकती है। इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
यानी कब्ज़ होने पर सिर्फ ज्यादा से ज्यादा फल खाना सही तरीका नहीं है। शरीर को बढ़े हुए फाइबर के साथ तालमेल बैठाने का समय देना भी जरूरी है।
पेट फूलने और गैस की शिकायत में रखें यह बात ध्यान
फाइबर सामान्य पाचन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ हाई-फाइबर खाद्य पदार्थ गैस बढ़ा सकते हैं। Mayo Clinic के अनुसार, फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज जैसे कुछ फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आंतों में गैस बनने को बढ़ा सकते हैं।
इसलिए अगर फल खाने के बाद लगातार पेट फूलता है, तो मात्रा कम करके धीरे-धीरे बढ़ाना और यह देखना उपयोगी हो सकता है कि कौन-सा भोजन लक्षण बढ़ा रहा है। बार-बार या ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।
सिर्फ फलों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं
फाइबर हासिल करने के लिए केवल फल ही विकल्प नहीं हैं। NIDDK के अनुसार, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, सब्जियां और कुछ नट्स भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। संतुलित डाइट में अलग-अलग स्रोतों को शामिल करने से रोज़ाना की फाइबर जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ पर्याप्त पानी पीना और नियमित शारीरिक गतिविधि भी कब्ज़ से निपटने के सामान्य उपायों में शामिल हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
कब्ज़ या पेट से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहती है, बार-बार लौटती है या डाइट में बदलाव के बावजूद सुधार नहीं होता, तो इसे केवल फाइबर की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कब्ज़ कभी-कभी किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का लक्षण भी हो सकता है।
निष्कर्ष: फाइबर से भरपूर फल रोज़ की डाइट में शामिल करना कब्ज़ से बचाव और पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। रसभरी, नाशपाती, छिलके समेत सेब, संतरा और केला इसके कुछ विकल्प हैं। लेकिन फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना उतना ही महत्वपूर्ण है।
फैक्ट-चेक नोट: उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में फाइबर और कब्ज़ के संबंध की पुष्टि होती है, लेकिन इन पांच फलों को कब्ज़, गैस या पेट फूलने का निश्चित इलाज नहीं बताया गया है। खासकर गैस/पेट फूलने की समस्या में अधिक फाइबर कुछ लोगों में शुरुआती तौर पर लक्षण बढ़ा भी सकता है।