हार्ट अटैक से बचाव के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ को जादुई उपाय नहीं माना जा सकता। हालांकि, लंबे समय तक संतुलित और हृदय के लिए अनुकूल आहार अपनाने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की मौजूदा आहार संबंधी सलाह में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, दालों, नट्स और स्वस्थ प्रोटीन स्रोतों को प्राथमिकता देने तथा नमक, अतिरिक्त चीनी, संतृप्त वसा और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को सीमित करने पर जोर दिया गया है।
भारत के लिए जारी ICMR-NIN Dietary Guidelines 2024 में भी संतुलित भोजन में सब्जियां, साबुत अनाज, दालें या बीन्स, सीमित मात्रा में नट्स या बीज और फल शामिल करने की सलाह दी गई है। दिशानिर्देशों में हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, तिलहन और फैटी फिश को आहार का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया गया है।
हार्ट अटैक के जोखिम और डाइट का क्या संबंध है?
हृदय रोग के कई जोखिम कारक होते हैं। WHO के अनुसार अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तंबाकू का सेवन और हानिकारक तरीके से शराब का सेवन हृदय रोग और स्ट्रोक के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल हैं। अस्वास्थ्यकर खानपान का संबंध बढ़े हुए रक्तचाप, रक्त शर्करा, रक्त में वसा और अधिक वजन जैसे जोखिम कारकों से भी हो सकता है।
इसलिए केवल किसी एक भोजन को डाइट में शामिल करना पर्याप्त नहीं है। पूरी खाने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। 2026 में अपडेट की गई AHA की वैज्ञानिक सलाह में भी हृदय के लिए अनुकूल आहार को एक overall dietary pattern के रूप में देखा गया है, जिसमें सब्जियां और फल, साबुत अनाज, स्वस्थ प्रोटीन और असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
1. ओट्स और दूसरे साबुत अनाज
नाश्ते में ओट्स को शामिल करना हृदय के लिए अनुकूल आहार का हिस्सा हो सकता है। ओट्स में आहार फाइबर होता है और साबुत अनाज को हृदय-स्वास्थ्य के लिए बेहतर भोजन विकल्पों में शामिल किया जाता है।
AHA के अनुसार साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं और इन्हें स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। केवल ओट्स ही नहीं, बल्कि कम पॉलिश किए हुए अनाज, दलिया, ब्राउन राइस और अन्य साबुत अनाज भी विकल्प हो सकते हैं।
कैसे खाएं:
ओट्स को कम चीनी वाले दलिया के रूप में लिया जा सकता है। इसमें ताजे फल, कुछ नट्स या बीज मिलाए जा सकते हैं। पैकेज्ड फ्लेवर्ड ओट्स में अतिरिक्त चीनी और नमक की मात्रा जरूर जांचें।
2. बादाम, अखरोट और दूसरे नट्स
बादाम और अखरोट जैसे नट्स में असंतृप्त वसा, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। AHA इन्हें हृदय के लिए अनुकूल खाने के पैटर्न का हिस्सा मानता है।
ICMR-NIN की 2024 की भारतीय आहार संबंधी गाइडलाइन में भी नट्स और तिलहनों को संतुलित आहार का हिस्सा बताया गया है।
कैसे खाएं:
बिना नमक और बिना अतिरिक्त चीनी वाले बादाम, अखरोट या अन्य नट्स को सीमित मात्रा में नाश्ते के तौर पर लिया जा सकता है। ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
3. दालें और बीन्स
अरहर, मूंग, मसूर, चना, राजमा और अन्य दालें भारतीय भोजन का अहम हिस्सा हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर मिलता है और इन्हें मांस के कुछ हिस्से की जगह पौधों से मिलने वाले प्रोटीन के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
AHA की हृदय-स्वास्थ्य संबंधी सलाह में बीन्स, मटर और दालों जैसे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने की सिफारिश की गई है।
ICMR-NIN भी अनाज या मिलेट आधारित भोजन के साथ पर्याप्त दाल या बीन्स लेने की सलाह देता है, जिससे भोजन में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बेहतर हो सके।
कैसे खाएं:
दाल को रोज के भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। चना, राजमा या लोबिया को उबालकर सलाद या सब्जी के रूप में भी लिया जा सकता है। ज्यादा नमक, मक्खन या घी डालने से बचना बेहतर है।
4. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन, खनिज और फाइबर सहित कई पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं। WHO स्वस्थ आहार में पर्याप्त मात्रा में सब्जियों और फलों को शामिल करने की सलाह देता है।
NHLBI की हृदय-स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में भी पालक समेत हरी पत्तेदार सब्जियों को हृदय के लिए अनुकूल खाने के विकल्पों में रखा गया है।
कैसे खाएं:
हरी सब्जियों को कम तेल और नमक में पकाकर खाएं। सलाद, सब्जी या दाल में हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। सब्जियों को अत्यधिक तलने के बजाय उबालना, भाप में पकाना या हल्का पकाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
5. फैटी फिश
जो लोग मछली खाते हैं, उनके लिए सार्डिन, मैकेरल जैसी तैलीय मछलियां भोजन में शामिल की जा सकती हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं।
AHA की मौजूदा सलाह में मछली और समुद्री खाद्य पदार्थों को स्वस्थ प्रोटीन स्रोतों में शामिल किया गया है। AHA यह भी बताता है कि ओमेगा-3 से भरपूर कुछ मछलियों को तले हुए या ब्रेडेड रूप के बजाय स्वस्थ तरीके से पकाकर सप्ताह में कम से कम दो बार लेने की सलाह दी जाती है।
ICMR-NIN की 2024 की गाइडलाइन भी भारतीय आहार में फैटी फिश को पर्याप्त मात्रा में शामिल करने का उल्लेख करती है।
कैसे खाएं:
मछली को ग्रिल, बेक या हल्के मसालों के साथ पकाया जा सकता है। डीप फ्राई की गई मछली या ज्यादा नमक वाले तैयार उत्पादों से बचना बेहतर है।
सिर्फ 5 सुपरफूड्स नहीं, पूरी डाइट पर दें ध्यान
हृदय की सेहत के लिए केवल पांच खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। WHO के अनुसार स्वस्थ आहार में फल, सब्जियां, दालें, नट्स और साबुत अनाज जैसे अलग-अलग खाद्य समूहों की विविधता जरूरी है। 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए WHO प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां लेने का लक्ष्य बताता है।
साथ ही भोजन में नमक, अतिरिक्त चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा सीमित करना भी महत्वपूर्ण है। WHO के अनुसार संतृप्त और ट्रांस वसा का अधिक सेवन हृदय रोग के जोखिम से जुड़ा है।
AHA की 2026 की अपडेटेड गाइडलाइन में भी साबुत और कम प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने, संतृप्त वसा की जगह असंतृप्त वसा चुनने और नमक तथा अतिरिक्त चीनी कम करने पर जोर दिया गया है।
रोज की थाली में क्या बदलाव कर सकते हैं?
- मैदा और ज्यादा रिफाइंड अनाज की जगह साबुत अनाज चुनें।
- दाल, चना, राजमा और अन्य फलियों को नियमित भोजन में रखें।
- हर दिन अलग-अलग तरह की सब्जियां और फल लें।
- बिना नमक वाले नट्स को सीमित मात्रा में लें।
- मछली खाते हैं तो तली हुई मछली के बजाय कम तेल में पकाई गई मछली चुनें।
- ज्यादा नमक, चीनी, संतृप्त वसा और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को सीमित करें।
एक जरूरी सावधानी
इन खाद्य पदार्थों को हार्ट अटैक से बचाने वाली दवा या इलाज नहीं समझना चाहिए। हृदय रोग का जोखिम उम्र, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि, वजन, पारिवारिक इतिहास और अन्य कारकों से भी प्रभावित होता है। WHO के अनुसार जिन लोगों में हृदय रोग का जोखिम अधिक है, उनकी पहचान और उचित उपचार समय से करना भी हृदय संबंधी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण है।
सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, मितली या दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना जैसे गंभीर लक्षण हों तो केवल खानपान में बदलाव पर निर्भर न रहें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
संपादकीय सत्यापन: लेख में किसी एक खाद्य पदार्थ को हार्ट अटैक रोकने वाला या इलाज करने वाला नहीं बताया गया है। “5 सुपरफूड्स” को संपादकीय प्रस्तुति के रूप में रखा गया है; उपलब्ध आधिकारिक दिशानिर्देशों में जोर किसी एक भोजन के बजाय समग्र हृदय-स्वस्थ आहार पर है।