बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। हादसा रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला के पास हुआ। प्रशासन के मुताबिक, नाव में सवार बच्चे पास के गांव में आयोजित श्राद्ध भोज में जा रहे थे। मृतकों में एक ही परिवार की सात बच्चियां शामिल हैं। हादसे के दौरान 17 वर्षीय चांदनी ने नदी में डूब रहे तीन बच्चों को बचाया, हालांकि उसकी अपनी बहन पिंकी की जान नहीं बच सकी।
मंगलवार रात करीब 8:30 बजे हुआ हादसा
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के मुताबिक, हादसा मंगलवार रात करीब 8:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छोटी निजी नाव में 15 से 20 बच्चे सवार थे। अन्य स्थानीय रिपोर्टों में नाव पर 20 से 30 या 25 से अधिक लोगों के सवार होने की बात कही गई है। इसलिए नाव पर सवार लोगों की कुल संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है।
नाव रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला के पास माता महारानी स्थान के नजदीक नदी पार कर रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पास के गांव में श्राद्ध भोज का आयोजन था और उसी में शामिल होने के लिए लोग नाव से जा रहे थे। बीच धारा में नाव पलट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव की कोशिश शुरू कर दी।
13 बच्चों की मौत, कई घायल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने लकड़ी, रस्सी और खाट की मदद से नदी में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। इसके बाद घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर पटना के अस्पतालों में भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक, सात लोगों को बचाकर नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) भेजा गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, मृत बच्चों की उम्र 15 वर्ष या उससे कम थी। हादसे में जान गंवाने वालों में मीरा, निशु, अनिशा, सुनीता, आर्यन, मोहन, अमृता, अंकिता, पिंकी, नमन, सिकी, भोनू और सोनम शामिल हैं।
एक परिवार की सात बच्चियों की मौत
हादसे की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि मृतकों में एक ही परिवार की सात बच्चियां शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, रामपुर श्यामचंद गांव के तीन आपस में जुड़े परिवारों के कई बच्चों की इस हादसे में जान गई। कई परिवारों में एक साथ बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल है।
17 साल की चांदनी ने बचाईं तीन जानें
हादसे के बीच 17 वर्षीय चांदनी ने तीन बच्चों को डूबने से बचाया। उसके पिता डोमन राय के मुताबिक, चांदनी ने पानी में उतरकर बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान उसकी तबीयत भी बिगड़ गई और उसका इलाज कराया गया। चांदनी की बहन पिंकी हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल है।
नोट: शुरुआती खबरों और कुछ रिपोर्टों में चांदनी की उम्र 15 वर्ष बताई गई है, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्ट में उसकी उम्र 17 वर्ष बताई गई है। उपलब्ध अधिक विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर यहां 17 वर्ष की उम्र का उल्लेख किया गया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
हादसे के बाद एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से राहत-बचाव अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि रात में भी बचाव अभियान जारी रखा गया था। घायलों को पटना के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया।
हादसे को लेकर स्थानीय लोगों ने नाव की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल भी उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाव की हालत खराब थी और पहले इसकी स्थिति को लेकर शिकायत की गई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से हादसे की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को केंद्र की ओर से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस घायलों के इलाज और हादसे से जुड़े राहत कार्यों पर है। नाव पर सवार लोगों की संख्या और हादसे के कारणों को लेकर सामने आई अलग-अलग जानकारियों के बीच प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।