नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे करीब 150 से 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद समर्थकों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए नई दिल्ली और मध्य दिल्ली समेत कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
200 के आसपास प्रदर्शनकारी हिरासत में
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे करीब 200 प्रदर्शनकारियों को नई दिल्ली इलाके में हिरासत में लिया गया। पुलिस ड्रोन के जरिए भी प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। एक अन्य रिपोर्ट में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 150 बताई गई है। इसलिए उपलब्ध रिपोर्टों में इस संख्या को लेकर अंतर है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 600 से अधिक ऐसे लोगों को भी एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। यह कार्रवाई दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में की गई बताई गई है। पुलिस के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को रोकना है।
यह संख्या जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों से अलग है। दोनों आंकड़ों को एक ही समूह मानना सही नहीं होगा।
कंटेंट क्रिएटर्स पर भी पुलिस की नजर
प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया गतिविधियों की भी निगरानी बढ़ाई गई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 200 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि सोशल मीडिया पोस्ट या संदेशों के जरिए लोगों को प्रदर्शन के लिए जुटाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कुछ स्वतंत्र पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को पुलिस की ओर से प्रदर्शन की कवरेज या दिल्ली आने को लेकर संपर्क किए जाने की शिकायतें मिली हैं। हालांकि, इसे सभी कंटेंट क्रिएटर्स पर औपचारिक प्रतिबंध के रूप में प्रस्तुत करने की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती।
इसलिए फिलहाल इसे निगरानी और पुलिस की एहतियाती कार्रवाई के रूप में देखना अधिक सटीक है, न कि कंटेंट क्रिएटर्स पर किसी सामान्य कानूनी पाबंदी के रूप में।
जंतर-मंतर के आसपास कड़ी सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। रिपोर्टों के मुताबिक, राजधानी में 20,000 से 25,000 के बीच पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ले जाने के लिए डिटेंशन सेंटर भी तैयार किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरा पहनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करना बताया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पुलिस ने करीब 600 लो-फ्लोर बसों की व्यवस्था भी की है, जिनका इस्तेमाल हिरासत में लिए गए लोगों और पुलिसकर्मियों की आवाजाही के लिए किया जा सकता है।
मोबाइल इंटरनेट और परिवहन पर भी असर
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर अस्थायी रोक लगाई गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जनपथ-कॉर्टवाया पथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का आदेश दिया गया था।
इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं। रेलवे और सड़क यातायात पर भी सुरक्षा व्यवस्था का असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वैध टिकट वाले यात्रियों को यात्रा से रोकने की बात नहीं कही गई है।
किस मुद्दे पर है CJP का प्रदर्शन?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। ये आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं और निर्वाचन आयोग की ओर से संबंधित मामलों पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद विपक्षी और अन्य राजनीतिक समूह इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति किसी प्रदर्शन या जमावड़े को कानून-व्यवस्था और यातायात के लिए चुनौती माना जा सकता है। इसी आधार पर राजधानी में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और जंतर-मंतर तथा मध्य दिल्ली के आसपास स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और प्रदर्शन के दौरान आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत आंकड़ा सामने आना बाकी है।
संपादकीय नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों की तत्काल हिरासत की संख्या 150 से 200 के बीच बताई गई है, जबकि 600 से अधिक का आंकड़ा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की एहतियाती हिरासत से संबंधित है। इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए मूल शीर्षक के “300 प्रदर्शनकारी” दावे को तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है। साथ ही, कंटेंट क्रिएटर्स पर “पाबंदी” के बजाय उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर उनकी निगरानी/जांच का उल्लेख किया गया है।