इंफाल/कामजोंग, 10 अक्टूबर: मणिपुर के कामजोंग जिले के चसाद गांव में शुक्रवार रात एक महिला की गोली लगने से मौत के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद कुकी और नागा समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी थी। हिंसा के दौरान कुछ घरों में आग लगाए जाने की भी सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने चसाद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।
शुक्रवार रात करीब 9.35 बजे हुई घटना
अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी की घटना शुक्रवार रात करीब 9.35 बजे चसाद गांव में हुई। चसाद कामजोंग जिले में स्थित कुकी बहुल गांव है, जबकि कामजोंग जिला व्यापक रूप से नागा आबादी वाले क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। महिला को गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वह पांच बच्चों की मां थी।
महिला की पहचान को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में उसका नाम डोमखोनेई टौथांग बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से इस पहचान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। इसलिए इस खबर में इसे अंतिम आधिकारिक पहचान के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
महिला की मौत के बाद दोनों पक्षों में फायरिंग
अधिकारियों के मुताबिक, महिला की मौत के बाद कुकी और नागा समूहों से जुड़े सशस्त्र लोगों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। शनिवार सुबह तक इलाके में फायरिंग जारी रहने की सूचना थी। हिंसा के दौरान कई घरों में आग लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
घटना की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ कुकी संगठनों और स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि महिला एक विरोध प्रदर्शन में शामिल थी और गोलीबारी सुरक्षा बलों के साथ हुए टकराव के दौरान हुई। दूसरी ओर, अधिकारियों से प्राप्त पीटीआई आधारित रिपोर्टों में घटना को महिला की गोली लगने से मौत और उसके बाद कुकी-नागा सशस्त्र समूहों के बीच हुई फायरिंग के रूप में बताया गया है। इन दावों के बीच घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चसाद पुलिस गेट के पास प्रतिबंध
हिंसा को आगे फैलने से रोकने के लिए कामजोंग जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 162 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। यह आदेश चसाद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में प्रभावी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है।
कामजोंग जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, चसाद में पुलिस थाना भी मौजूद है और जिले में कानून-व्यवस्था से जुड़ी पुलिस व्यवस्था सक्रिय है। जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में थोलू रॉकी का नाम दर्ज है।
इलाके में पहले से तनाव
कामजोंग और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से कुकी और नागा समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। सितंबर में भी कामजोंग जिले के पिलोंग नागा गांव में चार तांगखुल नागा नागरिकों की हत्या की खबर सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, उस घटना में संदिग्ध म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के सदस्यों पर हमले का आरोप लगा था।
इस पृष्ठभूमि में चसाद की ताजा घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, मौजूदा घटना में किस पक्ष की गोली से महिला की मौत हुई और फायरिंग की शुरुआत किसने की, इसका अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है।
आगे जांच पर नजर
फिलहाल प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इलाके में आगे की हिंसा रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। प्रतिबंधात्मक आदेशों के बीच सुरक्षा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। महिला की मौत और उसके बाद हुई गोलीबारी की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही जिम्मेदारी और घटनाक्रम के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
नोट: 10 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध रिपोर्टों की समीक्षा के आधार पर यह खबर तैयार की गई है। महिला की मौत के कारण और गोली चलाने वाले पक्ष को लेकर परस्पर अलग दावे सामने आए हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।