उत्तर प्रदेश में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम अचानक बदल गया। कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में संभल और कासगंज के एक-एक व्यक्ति तथा फिरोजाबाद के दो लोग शामिल हैं। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और होर्डिंग गिरने के साथ कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा। खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
पश्चिमी यूपी में मौसम का ज्यादा असर
शुक्रवार को बदले मौसम का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अधिक देखने को मिला। तेज हवाओं के साथ बारिश और कई स्थानों पर ओले गिरे। बरेली में भी ओलावृष्टि की जानकारी सामने आई है। तेज आंधी के कारण पेड़ और होर्डिंग गिरने से नुकसान हुआ, जबकि कुछ स्थानों पर घर भी प्रभावित हुए।
मौसम खराब होने के दौरान हुए हादसों में चार लोगों की जान चली गई। उपलब्ध रिपोर्ट में संभल, कासगंज और फिरोजाबाद में मौतों की जानकारी दी गई है। हालांकि, इन घटनाओं का विस्तृत जिला-वार ब्योरा उपलब्ध स्रोत में नहीं दिया गया है।
फसलों पर भी पड़ा असर
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में किसानों की फसलों पर मौसम की मार पड़ी है। स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन होने के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एटा के मिरहची क्षेत्र में भी शुक्रवार को अचानक तेज आंधी के साथ करीब एक घंटे तक बारिश हुई और कई जगह ओले गिरे। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, तेज हवाओं से खेतों में खड़ी धान और बाजरे की फसल प्रभावित हुई, जबकि सब्जियों को भी ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका जताई गई।
शनिवार को भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की 10 अक्टूबर की उपखंडवार चेतावनी में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। यानी शनिवार को यूपी के दोनों मौसम उपखंडों के लिए आईएमडी ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
हालांकि, शुक्रवार की मौसम गतिविधि के बाद पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना बताई गई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव बना रह सकता है।
अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रही। इन क्षेत्रों में पश्चिमी यूपी की तुलना में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम बताया गया है।
फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन बाकी
शुक्रवार की आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जानमाल के साथ कृषि क्षेत्र को भी नुकसान हुआ है। चार मौतों की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में की गई है, जबकि फसलों और संपत्ति को हुए कुल नुकसान का विस्तृत सरकारी आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए नुकसान की अंतिम मात्रा का आकलन प्रशासनिक सर्वे के बाद ही किया जा सकेगा।
10 अक्टूबर 2026 की स्थिति में: आईएमडी की आधिकारिक चेतावनी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं है।
संपादकीय सत्यापन नोट: चार मौतों, मौसम की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से मिलान की गई है। फसल और संपत्ति के कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक समेकित आंकड़ा उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिला, इसलिए कोई अनुमानित राशि शामिल नहीं की गई है।