भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल अपने Presidential Award for Civilian Heroism से सम्मानित करेगा। इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। यह सम्मान 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान सामने आए गंभीर संकट में मछार के साहस और पेशेवर निर्णय के लिए दिया जाएगा। हर्जोग ने कहा कि कैप्टन मछार के साहस और पेशेवर सूझबूझ से बड़ी दुर्घटना टलने में मदद मिली।
कॉकपिट में हुआ था हमला
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर कथित तौर पर हमला किया। इस हमले में मछार गंभीर रूप से घायल हो गए।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। दो अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
इजरायल के विदेश मंत्रालय से जुड़े एक आधिकारिक बयान में घटना को कथित आतंकी हमले के रूप में आंका गया है। बयान के मुताबिक, कैप्टन मछार के घायल होने के बावजूद कार्रवाई करने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने से यात्रियों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
राष्ट्रपति हर्जोग ने की मछार के साहस की तारीफ
यरुशलम में छह इजरायली नागरिकों को नागरिक वीरता पदक प्रदान किए जाने के दौरान राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कैप्टन मछार का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने मछार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की तथा कहा कि उनके स्वस्थ होने के बाद वह स्वयं उन्हें इजरायल की ओर से Presidential Award for Civilian Heroism प्रदान करेंगे।
इजरायल का यह नागरिक वीरता पुरस्कार ऐसे नागरिकों के साहस को मान्यता देता है जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए गंभीर खतरे के बीच असाधारण बहादुरी दिखाई हो। इसे 2023 के बाद राष्ट्रपति हर्जोग द्वारा स्थापित किया गया था।
छह इजरायली नागरिकों को भी मिला सम्मान
फ्लाईदुबई की इसी घटना में भूमिका निभाने वाले छह इजरायली नागरिकों को राष्ट्रपति हर्जोग ने नागरिक वीरता पदक प्रदान किया। इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने कॉकपिट में जाकर हमलावर को काबू करने में मदद की, विमान को स्थिर रखने में सहायता की और घायल कैप्टन मछार को प्राथमिक चिकित्सा दी।
इजरायली राष्ट्रपति ने इन नागरिकों के साथ-साथ कैप्टन मछार और विमान का नियंत्रण संभालने वाले अन्य लोगों के योगदान का भी उल्लेख किया।
मछार अभी इलाज करा रहे हैं
घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद कैप्टन स्मित मछार का उपचार चल रहा है। 9 अक्टूबर तक सामने आई जानकारी के अनुसार वह अबू धाबी के अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। इजरायली राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि पुरस्कार उन्हें उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद प्रदान किया जाएगा।
कैप्टन मछार को लेकर भारत में भी लगातार सम्मान और समर्थन की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। गुजरात सरकार पहले ही उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने की घोषणा कर चुकी है।