मध्य प्रदेश के सागर जिले में शासकीय योजनाओं के कामकाज को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 12 पटवारियों को निलंबित करने और 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की है। यह मामला स्वामित्व योजना के काम और अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही से जुड़ा है। हालांकि, अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में निलंबित पटवारियों की संख्या 12 और 13 बताई गई है।
स्वामित्व योजना के काम को लेकर कार्रवाई
9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सागर जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन की ओर से सामने आई जानकारी में शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने और लंबित कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया है।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्ति का सर्वेक्षण कर स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में जमीन और संपत्ति से जुड़े अभिलेखों को व्यवस्थित करना तथा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की कार्रवाई शामिल है। राजस्व विभाग के कर्मचारी इस काम के क्रियान्वयन में भूमिका निभाते हैं।
137 पटवारियों से मांगा गया जवाब
निलंबन के अलावा 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। नोटिस का उद्देश्य संबंधित कर्मचारियों से उनके कामकाज और कर्तव्य निर्वहन के संबंध में जवाब लेना है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नोटिस पाने वाले कर्मचारियों के जवाबों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। हालांकि, सभी नोटिसों की विषयवस्तु, जवाब जमा करने की अंतिम तारीख और प्रत्येक कर्मचारी पर लगाए गए विशिष्ट आरोपों का विवरण उपलब्ध रिपोर्टों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है।
निलंबित पटवारियों के नामों में क्या जानकारी सामने आई?
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सागर ग्रामीण तहसील की मीना खैरवार और लक्ष्मी जाटव, गढ़ाकोटा के अखिलेश दीक्षित, केसली के राजकुमार गौड़ और भूपेंद्र राज, खुरई के अजय श्रीवास्तव और गोविंद राय, मालथौन के पुष्पेंद्र भदौरिया और महेंद्र अर्गल, बांदरी के योगेंद्र प्रताप तथा बंडा के दिलीप राजा और अभिषेक कोरी के नाम दिए गए हैं।
वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में रहली तहसील के पटवारी ब्रजेंद्र रावत का नाम भी निलंबित कर्मचारियों की सूची में शामिल है। इसी वजह से निलंबित कर्मचारियों की कुल संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। संबंधित आधिकारिक निलंबन आदेश की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी एक संख्या को अंतिम मानना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
कारण बताओ नोटिस पाने वाले पटवारियों के जवाबों और निलंबित कर्मचारियों से संबंधित प्रशासनिक आदेशों के आधार पर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध समाचार रिपोर्टों से यह पुष्टि होती है कि सागर जिले में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पटवारियों के विरोध के सभी कारणों, कर्मचारी संघ का आधिकारिक पक्ष और प्रशासन के मूल आदेश का पूरा विवरण स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है।
संपादकीय सत्यापन नोट: खबर की तारीख 9 अक्टूबर 2026 है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के पद की पुष्टि सरकारी वेबसाइट से होती है। निलंबन की संख्या को लेकर समाचार रिपोर्टों में अंतर है और मूल सरकारी आदेश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए प्रकाशन से पहले जिला प्रशासन के आदेश और निलंबित कर्मचारियों की अंतिम सूची की पुष्टि करना आवश्यक है।