उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम का असर बना हुआ है। लखनऊ में गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और करीब 3 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में हजारों घरों में पानी पहुंचा है। उधर, बिहार में 9 अक्टूबर को 18 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना के बीच पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ा
लखनऊ के फैजुल्लागंज समेत कई निचले इलाकों में गोमती नदी का पानी पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 40 हजार घर प्रभावित हुए हैं और कुछ इलाकों में पानी कई फीट तक पहुंच गया है। करीब 10 हजार लोगों के सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बाढ़ का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है। गोमती रिवरफ्रंट और नदी के आसपास के कुछ प्रमुख स्थान भी जलभराव की चपेट में आए हैं। प्रशासन और नगर निकाय की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य कर रही हैं। जरूरत वाले स्थानों पर नावों और अन्य साधनों से लोगों को निकालने की व्यवस्था की गई है।
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति को लेकर सामने आई रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि गोमती के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश का पानी कई दिन बाद नीचे की ओर पहुंचा, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर बारिश कम होने के बावजूद नदी का जलस्तर बढ़ा।
बिहार के 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
बिहार में 9 अक्टूबर को मौसम विभाग ने 18 जिलों के लिए पीला अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। चेतावनी वाले जिलों में गोपालगंज, सीवान, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास और मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
मौसम विभाग के पटना केंद्र के 9 अक्टूबर के उपखंडवार पूर्वानुमान में बिहार के लिए गरज-चमक और बिजली के साथ आंधी की चेतावनी दी गई है। 10 अक्टूबर से आगे के दिनों के लिए इस उपखंडवार चेतावनी में कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
मौसम में बदलाव ऐसे समय हुआ है जब बिहार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अलग-अलग वायुमंडलीय प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी हुई हैं।
उत्तराखंड में बारिश और पहाड़ी रास्तों पर खतरा
उत्तराखंड में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 9 अक्टूबर के पूर्वानुमान में राज्य के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। 10 अक्टूबर को भी गरज-चमक और आंधी की संभावना बताई गई है।
बद्रीनाथ और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना रहता है। हालांकि, 9 अक्टूबर को बद्रीनाथ मार्ग पर किसी विशेष स्थान पर लैंडस्लाइड के कारण रास्ता बंद होने की स्वतंत्र और ताजा आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इस दावे को पुष्ट घटना के रूप में नहीं लिखा जा रहा है। उपलब्ध मौसम चेतावनी के आधार पर यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर स्थानीय प्रशासन और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल किन क्षेत्रों पर नजर
- लखनऊ में गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
- फैजुल्लागंज और आसपास करीब 40 हजार घरों के प्रभावित होने की रिपोर्ट है।
- लखनऊ में करीब 3 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में सामने आई है।
- बिहार के 18 जिलों में 9 अक्टूबर को आंधी, बारिश और गरज-चमक का पीला अलर्ट है।
- उत्तराखंड में 9 और 10 अक्टूबर को मौसम खराब रहने तथा पहाड़ी इलाकों में बारिश-भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है।
नोट: लखनऊ में प्रभावित आबादी का आंकड़ा अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 3 लाख से 3.5 लाख तक बताया गया है। इसलिए इस खबर में इसे 3 लाख से ज्यादा के रूप में रखा गया है। बद्रीनाथ मार्ग बंद होने की ताजा स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिलने के कारण उसे पुष्ट घटना के रूप में शामिल नहीं किया गया है।