केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए UDAN योजना के अगले चरण पर काम तेज कर दिया है। 22 सितंबर 2026 को 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस चरण में देश के मौजूदा अनसेव्ड एयरस्ट्रिप से 100 एयरोड्रम विकसित करने और 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के लिए 2026-27 से 2035-36 तक 10 वर्षों में कुल ₹28,840 करोड़ का प्रावधान है।
बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत 21 राज्य-UTs
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ MoU करने वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, तेलंगाना, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, नागालैंड, राजस्थान, सिक्किम और तमिलनाडु शामिल हैं।
इसके अलावा लक्षद्वीप, पुडुचेरी तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव भी इस समझौते में शामिल हैं। इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए एयरस्ट्रिप, एयरपोर्ट और हेलीपैड से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
10 साल में 100 नए एयरपोर्ट का लक्ष्य
Modified UDAN योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाना है। इसका एक प्रमुख लक्ष्य मौजूदा अनसेव्ड एयरस्ट्रिप को विकसित करके 100 नए एयरपोर्ट या एयरोड्रम तैयार करना है।
सरकार ने इसके लिए ₹12,159 करोड़ का प्रावधान किया है। योजना में विशेष रूप से छोटे शहरों, दूरदराज के इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीपीय क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
200 आधुनिक हेलीपैड भी विकसित होंगे
योजना के तहत 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का भी लक्ष्य है। इसके लिए ₹3,661 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों तक हवाई संपर्क बढ़ाना है जहां पारंपरिक एयरपोर्ट विकसित करना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा योजना में क्षेत्रीय एयरपोर्ट और एयरोड्रम के संचालन एवं रखरखाव के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
4 करोड़ यात्रियों तक पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य
UDAN के अगले चरण में करीब 4 करोड़ यात्रियों को क्षेत्रीय हवाई यात्रा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी बताई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, मूल UDAN योजना के तहत जुलाई 2026 तक 679 रूटों को 95 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम से जोड़ा जा चुका था। इस अवधि तक 3.58 लाख से अधिक उड़ानों में 1.68 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा की थी।
Challenge Mode से परियोजनाओं में तेजी
अगले चरण में एयरपोर्ट विकास के लिए Challenge Mode भी शुरू किया गया है। इसके तहत राज्य और केंद्रशासित प्रदेश विकास के लिए एयरस्ट्रिप और हेलीपैड की पहचान कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य चयनित एयरपोर्ट परियोजनाओं को निर्माण शुरू होने के बाद करीब 18 महीने में पूरा करने का है। यह अवधि पहले सामान्यतः दो से तीन साल तक बताई गई थी।
योजना का कुल बजट ₹28,840 करोड़
Modified UDAN के लिए केंद्र सरकार ने कुल ₹28,840 करोड़ का परिव्यय मंजूर किया है। योजना में एयरपोर्ट विकास के अलावा हेलिपैड, एयरोड्रोम के संचालन और रखरखाव तथा क्षेत्रीय रूटों पर एयरलाइन संचालन को समर्थन देने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
इस विस्तार का अगला महत्वपूर्ण चरण एयरपोर्ट और हेलीपैड परियोजनाओं की पहचान, उनकी प्राथमिकता तय करने और संबंधित रूटों के लिए बोली प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।