नई दिल्ली: दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की तड़के एक दुकान में भीषण आग लग गई। आग पुरी प्लाजा की चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में फैल गई। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की 22 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। शुरुआती जांच में मोबाइल बैटरियों के ओवरहीट होने या ओवरचार्जिंग को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण अभी जांच के दायरे में है।
पुरी प्लाजा की दुकान से शुरू हुई आग
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आग की घटना गफ्फार मार्केट की चेन वाली गली स्थित ब्लॉक 13 के पुरी प्लाजा में हुई। पुलिस को शुक्रवार तड़के करीब 1:28 बजे घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद करोल बाग थाने की पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
पुलिस के अनुसार, आग इमारत की ग्राउंड फ्लोर स्थित दुकान नंबर 13/21 से शुरू हुई। यहां मोबाइल एक्सेसरीज का कारोबार होता था और मोबाइल बैटरियां भी रखी हुई थीं। देखते ही देखते आग ने इमारत के ऊपरी हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
22 दमकल गाड़ियों की मदद से बुझाई गई आग
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने 22 फायर सर्विस यूनिट मौके पर तैनात कीं। राहत और बचाव अभियान में अतिरिक्त पानी के टैंकर और रोशनी के उपकरण भी भेजे गए। इसके अलावा तीन CAT एंबुलेंस और दो पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) वाहन भी घटनास्थल पर पहुंचे।
कई घंटे तक चले अग्निशमन अभियान के बाद आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती पुलिस जानकारी के अनुसार, घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं थी। हालांकि, इमारत और उसमें मौजूद दुकानों को संपत्ति का नुकसान पहुंचा।
मोबाइल बैटरी को माना जा रहा संभावित कारण
पुलिस की शुरुआती जांच में मोबाइल बैटरियों के गर्म होने या ओवरचार्जिंग के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। बताया गया है कि ग्राउंड फ्लोर की दुकान में बैटरियां रखी थीं, जहां से आग फैलने की आशंका है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आग किसी बैटरी में खराबी, ओवरहीटिंग, ओवरचार्जिंग या किसी अन्य वजह से लगी। इसलिए इसे आग लगने का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता।
FSL और दमकल विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट होगी वजह
घटना की विस्तृत जांच के लिए दिल्ली फायर सर्विस और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी इमारत का निरीक्षण करेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वहां कोई अन्य ज्वलनशील सामग्री तो नहीं रखी गई थी, जिससे आग तेजी से फैल गई।
इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम (MCD) से इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन या प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग के बाद भवन से किसी तरह का खतरा तो नहीं है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और इमारत को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
संपादकीय सत्यापन नोट:
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आग लगने की तारीख 6 नवंबर 2026 और समय लगभग 1:28–1:30 बजे बताया गया है।
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दमकल गाड़ियों की संख्या पर रिपोर्टों में अंतर है। PTI और अन्य रिपोर्टों में 22 यूनिट, जबकि News on AIR की शुरुआती रिपोर्ट में 27 दमकल गाड़ियां बताई गई हैं। इसलिए मुख्य लेख में 22 का उल्लेख PTI आधारित रिपोर्ट के अनुसार किया गया है।
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मोबाइल बैटरी ओवरहीटिंग या ओवरचार्जिंग अभी संभावित कारण है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।
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आग लगने के वास्तविक कारण की स्वतंत्र पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
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किसी अधिकारी का काल्पनिक बयान या प्रत्यक्ष उद्धरण शामिल नहीं किया गया है।