बेंगलुरु में एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी समेत ससुराल के सात लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद को हत्याओं की संभावित वजह बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को एक-एक करके अपने घर बुलाया और दो दिनों के दौरान वारदात को अंजाम दिया। अब तक सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ है, जबकि बाकी छह लोगों के शवों की तलाश जारी है।
यह मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राजाजीनगर इलाके का है। आरोपी की पहचान इंदुशेखर उर्फ शेखर के रूप में हुई है। वह पेशे से कैब ड्राइवर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पत्नी सुनीता और उसके मायके के परिवार के बीच लंबे समय से पारिवारिक तनाव चल रहा था।
पत्नी के परिवार से नाराजगी को माना जा रहा हत्या की वजह
इंडियन एक्सप्रेस की 6 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, शेखर और सुनीता की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। दोनों राजाजीनगर में भाश्यम सर्कल के पास एक मकान की छत पर बने छोटे से कमरे में रहते थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस को संदेह है कि सुनीता का अपने मायके के लोगों से लगातार संपर्क और पारिवारिक मामलों में उनके हस्तक्षेप को लेकर आरोपी नाराज था।
बताया जा रहा है कि सुनीता के परिवार के सदस्य पहले भी दोनों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि, मामला शांत नहीं हुआ। पुलिस इसी पारिवारिक तनाव को हत्याओं की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।
एक-एक करके परिवार के सदस्यों को बुलाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर दो दिनों के दौरान परिवार के सदस्यों को अलग-अलग बहाने से अपने घर बुलाया। इसके बाद उनकी हत्या की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने पहले अपनी पत्नी सुनीता को निशाना बनाया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपने दो सालों शिवकुमार और शंकर को पार्टी के बहाने घर बुलाया। बाद में परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाया गया।
पुलिस को आशंका है कि वारदात में ग्राइंडिंग स्टोन (पीसने वाला पत्थर) का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, घटनाक्रम और हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान से जुड़े सभी तथ्यों की जांच अभी जारी है।
सात वर्षीय बच्चे का शव बरामद, छह की तलाश जारी
पुलिस ने मृतकों की पहचान सुनीता, उसकी मां रूपावती, भाइयों शिवकुमार और शंकर, उनकी पत्नियों दिव्या और नलिनी तथा शिवकुमार के सात वर्षीय बेटे पुनीत के रूप में की है।
जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी ने शवों को अपनी कार से अलग-अलग जगहों पर ले जाकर ठिकाने लगाया। इसके बाद पुलिस ने कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स की तलहटी के आसपास तलाशी अभियान चलाया।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कई घंटे की तलाश के बाद गुरुवार को सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद किया गया। बाकी छह लोगों के शवों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर तलाशी कर रही हैं।
नंदी हिल्स के आसपास का कुछ इलाका दुर्गम और जंगल से घिरा हुआ है। ऐसे में पुलिस को शवों की तलाश में कठिनाई हो रही है।
गुमशुदगी की शिकायत से सामने आया मामला
इस पूरे मामले का खुलासा परिवार की एक महिला सदस्य के लापता होने के बाद हुआ। नलिनी की मां ने उसके लापता होने की शिकायत बेंगलुरु के श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस का शक शेखर पर गया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस को कथित हत्याओं के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच की और नंदी हिल्स के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने क्या कहा?
बेंगलुरु उत्तर के पुलिस उपायुक्त (DCP) बाबासाब नेमागौड़ा ने मामले की पुष्टि की है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्होंने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सहायक पुलिस आयुक्तों (ACP) की एक विशेष टीम बनाई गई है। इस टीम को बाकी शवों का पता लगाने और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के बयानों, घटनास्थल और शवों को ठिकाने लगाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाओं के पूरे क्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
संपादकीय सत्यापन नोट:
-
घटना की रिपोर्टिंग की तारीख 6 नवंबर 2026 है।
-
पुलिस की पुष्टि के अनुसार हत्या का मामला दर्ज है और जांच जारी है।
-
सात में से केवल एक बच्चे का शव बरामद होने की जानकारी मिली है। बाकी छह शवों की तलाश जारी थी।
-
आरोपी की उम्र को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए लेख में उम्र शामिल नहीं की गई है।
-
हत्या की वजह के रूप में घरेलू विवाद की बात शुरुआती जांच पर आधारित है, इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
-
अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए पूरे लेख में आरोपी के लिए आरोप-संबंधी भाषा रखी गई है।