पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में रविवार को हुई हिंसा के दौरान कैंपस के Uni Mall में भी तोड़फोड़ और सामान ले जाने के वीडियो सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में लोग दुकानों के अंदर जाते और खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा अन्य वस्तुएं बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में PS5 गेमिंग कंसोल और लैपटॉप भी ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, वायरल हुए हर वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और फुटेज में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान LPU छात्रों के रूप में नहीं हुई है।
दुकानों में तोड़फोड़ के बाद सामान ले जाते दिखे लोग
रिपोर्टों के मुताबिक, LPU परिसर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान Uni Mall की कई दुकानों को नुकसान पहुंचा। सामने आए वीडियो में कुछ लोग दुकानों में प्रवेश करते, सामान उठाते और उसे लेकर बाहर निकलते दिखाई देते हैं। एक वीडियो में महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की ओर इशारा करते हुए व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है।
NDTV की रिपोर्ट में भी वायरल फुटेज के आधार पर बताया गया है कि यूनिवर्सिटी के मॉल से लैपटॉप, गैजेट्स, खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान ले जाते हुए लोग दिखाई दिए। रिपोर्ट में PS5 कंसोल और लैपटॉप का भी उल्लेख है।
दूसरी ओर, Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक Uni Mall के दुकानदारों ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, कुरियर सामान, मिठाइयों और अन्य वस्तुओं के नुकसान की जानकारी दी है। कुछ दुकानों में तोड़फोड़ के साथ सामान भी गायब होने की बात सामने आई है।
PS5 और लैपटॉप के वीडियो भी सामने आए
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ लोग नजर आ रहे हैं। एक वायरल क्लिप में PS5 का जिक्र सुनाई देने की बात रिपोर्टों में कही गई है। एक अन्य वीडियो में महंगे सामान को लेकर टिप्पणी करते हुए व्यक्ति दिखाई देता है।
हालांकि, इन वीडियो को लेकर एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों ने भी माना है कि सोशल मीडिया पर मौजूद सभी फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रहा हर व्यक्ति LPU का छात्र ही है। NDTV की एक अन्य रिपोर्ट में CCTV फुटेज में नकाब पहने लोगों के दुकानों में घुसने और तोड़फोड़ करने की बात सामने आई है।
दुकानदारों को भारी नुकसान
Uni Mall में दुकान चलाने वाले कारोबारियों को हिंसा के बाद नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। Times of India के अनुसार, VN Computers के संचालक विपिन मल्होत्रा ने बताया कि उनकी दुकान समेत कई दुकानों से लैपटॉप और संबंधित उपकरण ले जाए गए। दुकानदारों ने नुकसान का आकलन शुरू किया है।
Indian Express की रिपोर्ट में भी Uni Mall की दुकानों में टूटे शीशे और क्षतिग्रस्त सामान की जानकारी दी गई है। दुकानदारों ने नुकसान की भरपाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
हिंसा के बाद पुलिस जांच जारी
LPU में हिंसा की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े दावों के बाद हुई। विश्वविद्यालय ने इन दावों को गलत और निराधार बताया है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच के लिए FIR दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) बनाया है। SIT की अगुवाई फगवाड़ा के SP Major Singh कर रहे हैं। इसमें DSP Palwinder Singh, एक महिला पुलिस अधिकारी और छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में CCTV फुटेज, तकनीकी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती जांच में कथित यौन उत्पीड़न के दावे की पुष्टि करने वाला साक्ष्य सामने नहीं आया था। इसलिए उस मामले को भी अभी जांच का विषय ही माना जा रहा है।
हिंसा के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मध्यावधि परीक्षाएं भी टाल दी हैं। पुलिस की मौजूदगी के बीच बड़ी संख्या में छात्र कैंपस से अपने घरों के लिए रवाना हुए।
अभी तक सामने आए मुख्य तथ्य
- LPU के Uni Mall में हिंसा के दौरान दुकानों को नुकसान पहुंचा।
- वायरल वीडियो में लोग दुकानों से खाद्य सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाते दिख रहे हैं।
- कुछ रिपोर्टों में PS5 और लैपटॉप ले जाने के वीडियो का उल्लेख है।
- हर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और फुटेज में दिखने वाले सभी लोगों को LPU छात्र बताना अभी उचित नहीं है।
- दुकानदारों ने लैपटॉप, मोबाइल, कुरियर सामान और अन्य वस्तुओं के नुकसान की जानकारी दी है।
- हिंसा और उससे जुड़े आरोपों की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने SIT गठित की है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। Uni Mall में हुए वास्तविक नुकसान और सामान की कुल कीमत का अंतिम आकलन सामने आना बाकी है।
संपादकीय नोट: PS5, लैपटॉप और अन्य सामान ले जाने के वीडियो कई मीडिया रिपोर्टों में सामने आए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मौजूद प्रत्येक वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए लेख में इन्हें सत्यापित न्यायिक निष्कर्ष के बजाय रिपोर्टेड/वायरल फुटेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है।