नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की गोलबंदी तेज हो गई है। INDIA ब्लॉक के दल संसद के दोनों सदनों में उनके पद से हटाने के लिए नया नोटिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। 24 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई के लिए दिल्ली में बैठक भी प्रस्तावित है। हालांकि, बैठक की तारीख और शामिल होने वाले सभी दलों की आधिकारिक सूची अभी सामने नहीं आई है।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से शुरू हुआ विवाद
विवाद की पृष्ठभूमि चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी है। द इंडियन एक्सप्रेस की 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने के दौरान आयोग के विभिन्न फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसले भी शामिल थे।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष इन आपत्तियों को लेकर CEC के खिलाफ हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कांग्रेस की ओर से नए मसौदे पर काम किए जाने और अगले सप्ताह दोनों सदनों में नोटिस दिए जाने की संभावना बताई गई है।
INDIA ब्लॉक की दिल्ली में बैठक क्यों प्रस्तावित है?
24 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई के लिए बैठक की तैयारी का उल्लेख किया गया। इसका उद्देश्य CEC के खिलाफ संसद में प्रस्तावित कार्रवाई और SIR से जुड़े विरोध प्रदर्शनों पर साझा रणनीति तय करना बताया गया है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में बैठक की निश्चित तारीख, समय और सभी आमंत्रित दलों की सूची की पुष्टि नहीं है। इसलिए इसे तय हो चुकी आपात बैठक के बजाय प्रस्तावित संयुक्त बैठक के रूप में देखना उचित है।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
24 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज और SIR को लेकर कई मांगें उठाई हैं। इनमें शामिल हैं:
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की कार्रवाई।
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवालों का जवाब।
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चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण।
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चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर संयुक्त कार्रवाई।
चुनाव आयोग और बीजेपी का क्या कहना है?
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में उठाए गए मतभेदों के सवालों पर कहा है कि उसके पिछले एक साल के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक, विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे अंतिम फैसलों में असहमति साबित नहीं होती।
बीजेपी ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि आयोग के फैसलों पर चर्चा और विचार-विमर्श हुआ था तथा अंतिम निर्णय में सभी चुनाव आयुक्त एकमत थे।
दिल्ली में प्रदर्शन और आगे की कार्रवाई
CEC विवाद को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए हैं। 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, गुवाहाटी और जम्मू-कश्मीर समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई थी।
संसद में CEC को हटाने का नया नोटिस कब दाखिल होगा और INDIA ब्लॉक की बैठक की तारीख क्या होगी, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। इस बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर राजनीतिक तथा न्यायिक चर्चा जारी है।
फैक्ट-चेक नोट: CEC के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई, चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और विपक्षी प्रदर्शनों की रिपोर्टों की पुष्टि की गई है। INDIA ब्लॉक की आपात बैठक की निश्चित तारीख, समय और पूर्ण प्रतिभागी सूची की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए लेख में इसे प्रस्तावित बैठक के रूप में लिखा गया है।