दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहने वाला है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने बुधवार के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह दोनों नेताओं के खिलाफ दो दिन में दर्ज हुई दूसरी FIR बताई जा रही है।
हालांकि, FIR की संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दो दिन में दूसरी FIR बताया है, जबकि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को इस मामले में कम से कम तीन FIR दर्ज की गईं। इसलिए उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट है कि मंगलवार और बुधवार के प्रदर्शनों के संबंध में राहुल-प्रियंका के खिलाफ एक से अधिक पुलिस मामले दर्ज हुए हैं।
बुधवार को जंतर-मंतर की ओर बढ़े थे विपक्षी सांसद
बुधवार, 7 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के लिए मध्य दिल्ली में लंच का आयोजन किया था। इसके बाद सांसद बसों से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें जनपथ-अशोक रोड इलाके में रोक दिया।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की तथा सरकारी कर्मचारियों को उनके काम से रोकने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में वीडियो फुटेज और अन्य सामग्री की जांच की है। आरोपों की जांच अभी जारी है और FIR में नाम होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता।
बुधवार के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में नेताओं को रिहा कर दिया गया।
मंगलवार को आकाशवाणी भवन में प्रवेश को लेकर भी FIR
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पहली FIR मंगलवार, 6 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ी है। उस दिन INDIA ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया था।
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए। इस संबंध में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
मंगलवार का धरना कई घंटे चला था। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था। विपक्षी दलों का कहना था कि वे चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहते थे और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां रखना चाहते थे।
विवाद की मुख्य वजह क्या है?
INDIA ब्लॉक की पार्टियां SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
वहीं, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। मौजूदा विवाद के बीच विपक्षी दलों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
आज तीसरे दिन भी प्रदर्शन की तैयारी
गुरुवार, 8 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक ने प्रदर्शन को और बड़ा करने की योजना बनाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, ज्यादा सांसदों के इसमें शामिल होने की संभावना है और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। पार्टी ने इसे विरोध दिवस के तौर पर मनाने की बात कही है।
INDIA ब्लॉक की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा गया है। विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग से जुड़े अपने मुद्दे राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में 10 नेताओं के शामिल होने की संभावना है और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के भी दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
पुलिस और विपक्ष के दावों में अंतर
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और विपक्ष के दावे अलग-अलग हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उसके कर्मचारियों के काम में बाधा डाली गई और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की या मारपीट हुई। दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग और हिरासत की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
मामले में दर्ज FIR और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस केस का हिस्सा हैं; उन्हें न्यायिक रूप से दोषी ठहराए जाने का कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।