नई दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार, 7 अक्टूबर को एक चार मंजिला इमारत ढहने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। हादसा ईदगाह मछली मंडी के पास हुआ। मलबे से घायलों को निकालकर राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर समेत अस्पतालों में भेजा गया है। गुरुवार सुबह मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई। राहत और बचाव अभियान जारी है।
दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ हादसा
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, इमारत गिरने की सूचना बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे मिली। इसके बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एमसीडी की टीमें बचाव अभियान में जुटीं। स्थानीय लोगों ने भी मलबा हटाने में मदद की।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, मलबे से लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती चरण में 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया था, जिनमें आठ घायल थे। बाद में एक और शव मिलने से मृतकों की संख्या चार हो गई।
गर्भवती महिला और बच्चों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में 21 वर्षीय गुलफशा भी शामिल हैं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। शुरुआती रिपोर्टों में एक 12 वर्षीय बच्ची और एक अन्य बच्चे की भी मौत की पुष्टि हुई थी। गुरुवार सुबह एक और शव मिलने के बाद कुल मृतकों की संख्या चार हो गई। मृतकों में से कुछ की पहचान की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी।
हादसे में घायल आठ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इनमें तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घायलों में मोमिन मिर्जा, अब्दुल रहमान, देवरुद्दीन, सलमा, छोटे, सकीना और समद समेत अन्य लोग शामिल हैं।
इमारत की हालत और भूकंप के बाद दरारों की बात
घटना के बाद स्थानीय लोगों और एमसीडी से जुड़ी रिपोर्टों में सामने आया कि इमारत में हाल में दरारें दिखाई देने की बात कही गई थी। पड़ोसियों ने इन दरारों को मंगलवार को आए भूकंप के झटकों से जोड़कर देखा है। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा।
एमसीडी से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी बताई गई है। घटना में आसपास की इमारतों की दीवारों और पास की मस्जिद की चारदीवारी के हिस्से को भी नुकसान पहुंचा।
कई एजेंसियां राहत और बचाव अभियान में जुटीं
हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी मशीनरी लगाकर मलबा हटाया गया। संकरी गलियों के कारण बचाव दलों को काम करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस और बचाव एजेंसियों ने मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को देखते हुए तलाश जारी रखी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की स्थिति में उसे सुरक्षित निकालना और घायलों को इलाज उपलब्ध कराना है। इमारत क्यों गिरी, इसकी विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या तीन बताई गई थी। 8 अक्टूबर की सुबह मलबे से एक और शव मिलने के बाद कई रिपोर्टों ने मौत का आंकड़ा चार बताया। इसलिए इस अपडेट में नवीनतम उपलब्ध आंकड़ा इस्तेमाल किया गया है।
फैक्ट-चेक नोट: घटना 7 अक्टूबर 2026 की है। शुरुआती आधिकारिक/मीडिया अपडेट में तीन मौतें बताई गई थीं, लेकिन 8 अक्टूबर की सुबह एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई। इमारत गिरने की अंतिम वजह अभी जांच का विषय है; भूकंप से दरार आने की बात स्थानीय लोगों/रिपोर्टों में सामने आई है, इसे अभी स्थापित कारण के रूप में नहीं लिखा गया है।