भारत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता है। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल की भारतीय टीम ने शुक्रवार, 25 सितंबर को कुल 1762-94x का स्कोर किया। चीन ने 1766-95x के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया 1751-87x के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यह मुकाबला जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के दौरान हुआ। भारत ने इस स्पर्धा में 2022 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार चीन ने चार अंकों के अंतर से भारत को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
भारत का स्कोर कैसे रहा
भारतीय टीम ने तीनों पोजिशन में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। टीम का अंतिम स्कोर 1762 अंक और 94x रहा। चीन का स्कोर 1766-95x रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 1751-87x का स्कोर बनाया।
टीम के तीनों निशानेबाजों का प्रदर्शन इस तरह रहा:
- ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर: 589-34x
- नीरज कुमार: 588-34x
- रुद्रांक्ष पाटिल: 585-26x
इन स्कोर के आधार पर ऐश्वर्य व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में तीसरे और नीरज चौथे स्थान पर रहे। दोनों ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालिफाई किया है।
रुद्रांक्ष 585-26x के साथ नौवें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके। एक देश से अधिकतम दो निशानेबाजों के व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचने के नियम के कारण ऐश्वर्य और नीरज के क्वालिफाई करने के बाद रुद्रांक्ष आगे नहीं बढ़ सके।
चीन ने जीता स्वर्ण
50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में चीन ने 1766-95x के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत 1762-94x के साथ दूसरे स्थान पर रहा और दक्षिण कोरिया ने 1751-87x के साथ कांस्य पदक जीता।
भारत का रजत पदक शूटिंग स्पर्धाओं में उसके पदकों की संख्या में भी इजाफा करता है। 25 सितंबर को ही भारतीय निशानेबाजों ने शूटिंग में एक और स्वर्ण पदक जीता था।
अब ऐश्वर्य और नीरज के व्यक्तिगत फाइनल पर नजर
टीम स्पर्धा के बाद अब ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। दोनों ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह फाइनल 25 सितंबर को ही होना है।
नोट: यह रिपोर्ट 25 सितंबर 2026 को उपलब्ध परिणामों के आधार पर तैयार की गई है। व्यक्तिगत फाइनल का परिणाम इस खबर में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उपलब्ध स्रोतों में उस समय तक उसका अंतिम परिणाम दर्ज नहीं था।