नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक चल रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के प्रतिभागियों से संवाद किया। बातचीत में उन्होंने युवाओं की भूमिका, जनसेवा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यात्रियों से देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से मिलने, उनकी आकांक्षाओं को समझने और सेवा गतिविधियों के जरिए समाज से जुड़ने की बात कही।
वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा
‘सेवा संकल्प यात्रा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान वडनगर और उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी को जोड़ते हुए आयोजित की जा रही है। आकाशवाणी के अनुसार, यात्रा के प्रतिभागी रास्ते में स्वच्छता और पौधारोपण जैसे कार्यों के साथ स्थानीय लोगों से संवाद कर रहे हैं। यात्रियों ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में अपने अनुभव भी साझा किए।
यात्रा से जुड़ी पूर्व की जानकारी के अनुसार, सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को वडनगर से हुई थी। यात्रा को लेकर विभिन्न समूहों में युवा प्रतिभागी शामिल हैं और अभियान के दौरान सामुदायिक गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।
युवाओं को देश को समझने का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद के दौरान कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और भविष्य में इसकी बड़ी लाभार्थी भी होगी। उन्होंने युवाओं से देश को केवल दूर से देखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और समुदायों के लोगों से मिलने तथा उनकी आकांक्षाओं को समझने पर जोर दिया।
उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा को युवाओं के लिए देश को जमीन पर समझने का अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान अलग-अलग इलाकों में लोगों से मिलना और उनकी समस्याओं व उम्मीदों को जानना युवाओं के अनुभव को व्यापक बनाता है।
‘सेवा परमो धर्म’ पर जोर
आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा जीवन का मुख्य उद्देश्य और स्वभाव होना चाहिए। उन्होंने राजनीति में भी सेवा को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाए रखने की बात कही और ‘सेवा परमो धर्म’ का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने सेवा गतिविधियों को केवल संदेश देने के बजाय व्यवहार के माध्यम से सेवा की भावना सामने रखने से जोड़ा। उनके अनुसार, लोगों के बीच काम करके सेवा का संदेश दिया जाना चाहिए।
विकसित भारत 2047 और ‘शक्ति की सप्तधारा’
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में बताए गए ‘शक्ति की सप्तधारा’ के विषय में भी लोगों से बातचीत करने के लिए यात्रियों से कहा। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन तथा कनेक्टिविटी जैसी धाराओं का उल्लेख किया और इन्हें विकसित भारत के निर्माण से जोड़ा।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य के लिए देश के गांवों और अलग-अलग सामाजिक समूहों की आकांक्षाओं को समझना जरूरी है।
यात्रा के दौरान सेवा गतिविधियां
आकाशवाणी के मुताबिक, यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने पौधारोपण और स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियों की जानकारी प्रधानमंत्री के साथ साझा की। यात्रियों ने यह भी बताया कि उन्होंने रास्ते में स्थानीय लोगों से बातचीत की और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े अनुभवों के बारे में लोगों की प्रतिक्रिया जानी।
संवाद में झाबुआ जिले के एक गांव में ‘मोदी फालिया’ नामकरण का भी उल्लेख हुआ। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने वडनगर और वाराणसी से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का जिक्र किया।
सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वडनगर और वाराणसी के बीच चल रही यह यात्रा 7 अक्टूबर तक जारी रहने वाली है।