उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में हुई भारी बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ और जलभराव के हालात बने हुए हैं। बदायूं के दातागंज क्षेत्र में करीब 70 साल पुरानी एक कोठी लगातार बारिश के बीच ढह गई। हादसे के समय इमारत के अंदर कोई मौजूद नहीं था, इसलिए जनहानि की सूचना नहीं है। दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ा है और निचले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई जिलों में बारिश और जलभराव को देखते हुए स्कूल भी बंद किए गए हैं।
बदायूं में 70 साल पुरानी कोठी ढही
बदायूं की दातागंज तहसील के बक्सेना गांव में करीब 70 साल पुरानी कोठी लगातार बारिश के दौरान अचानक ढह गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कोठी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ठाकुर धीरेंद्र पाल सिंह की बताई गई है। भाजपा नेत्री मंजू सिंह भी अपने परिवार के साथ इस कोठी में रहती हैं। हादसे के समय वह वहां मौजूद नहीं थीं।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कोठी की छत पर पानी जमा हो गया था। इसके बाद पुरानी इमारत का एक हिस्सा कमजोर होकर गिर गया और मलबे में काफी सामान दब गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक टीम ने भी स्थिति का जायजा लिया।
उपलब्ध रिपोर्ट में कोठी के तीन सेकंड में ढहने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिलती है। इसलिए इस समयावधि को पुष्ट तथ्य के तौर पर शामिल नहीं किया जा रहा है।
कई नदियों का बढ़ा जलस्तर
भारी बारिश थमने के बाद भी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। 27 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जिलों में बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। गंगा, केन, यमुना और ईशन जैसी नदियों तथा अन्य जलधाराओं के कारण कई इलाकों में जलभराव और आवागमन की समस्या सामने आई।
बांदा में केन और यमुना का जलस्तर बढ़ा, जबकि कानपुर क्षेत्र में ईशन नदी का पानी आसपास के गांवों तक पहुंच गया। कानपुर देहात में एक पुलिया धंसने से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी सूचना है।
बाराबंकी में घाघरा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, एल्गिनब्रिज पर घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया था। राप्ती नदी में भी कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने की स्थिति बताई गई है।
600 परिवारों को घर छोड़ने का दावा
इस खबर के इनपुट में करीब 600 परिवारों के घर छोड़ने का दावा किया गया है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों से उत्तर प्रदेश में कुल 600 परिवारों के विस्थापन का आंकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए इसे पुष्ट राज्यव्यापी आंकड़े के रूप में प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।
कुशीनगर में अलग से 1,400 परिवारों के प्रभावित होने और करीब 600 परिवारों को तटबंध पर पहुंचाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। यह आंकड़ा कुशीनगर की स्थिति से संबंधित है, पूरे उत्तर प्रदेश का आंकड़ा नहीं है।
कई जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनियों के चलते प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए। 26 सितंबर को लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर समेत कई जिलों में अलग-अलग कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया था। कुछ जिलों में कक्षा 1 से 8 तक, जबकि कुछ जगह कक्षा 12 तक के विद्यालय बंद रहे।
बदायूं में भी 28 सितंबर को लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया। बीएसए नवीन कुमार के आदेश के अनुसार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को विद्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान
उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू हुए बारिश के दौर ने बड़े क्षेत्र को प्रभावित किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के हवाले से 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक राज्य में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 7.6 मिलीमीटर बताया गया है। इस दौरान वर्षाजनित घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
27 सितंबर की शाम तक सामने आई एक विस्तृत रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में नदियों के उफान और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात की जानकारी दी गई। कानपुर देहात, बांदा, औरैया, महोबा और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में बारिश से जुड़े हादसों में लोगों की मौत हुई। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में मृतकों और क्षतिग्रस्त मकानों के आंकड़े अलग मिले हैं। इसलिए इन आंकड़ों को रिपोर्ट तैयार किए जाने के समय के संदर्भ में देखना जरूरी है। 28 सितंबर की एक रिपोर्ट में राहत आयुक्त कार्यालय के हवाले से 56 मौतों और 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने का आंकड़ा दिया गया था, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में आंकड़े बढ़े हुए बताए गए हैं।
अब बारिश में कमी के संकेत
28 सितंबर को उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधि में कमी आने के संकेत हैं। हालांकि लखनऊ समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की उम्मीद है।
फिलहाल प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव, सड़क और बिजली व्यवस्था बहाल करने तथा फसलों और मकानों को हुए नुकसान का आकलन करने की चुनौती है।
सत्यापन टिप्पणी: दिए गए मूल इनपुट में मौजूद “3 सेकंड में कोठी ढही”, “8 नदियां उफान पर” और “600 परिवारों ने घर छोड़ा” जैसे दावों को उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों से उसी रूप में स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका। इसलिए इन्हें headline या पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं रखा गया है। इसी तरह “8 शहरों में स्कूल बंद” की जगह उपलब्ध स्रोतों के आधार पर कई जिलों में अलग-अलग कक्षाओं के लिए स्कूल बंद किए जाने की जानकारी दी गई है।