मुंबई: महाराष्ट्र के Food and Drug Administration (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की फिल्म सितारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार नहीं करने की अपील को शेयर करते हुए सेलिब्रिटीज को कानून और अपने सामाजिक प्रभाव की जिम्मेदारी याद दिलाई है। मुंढे ने 23 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति का वीडियो साझा किया और लिखा, “Influence is not immunity” यानी प्रभाव किसी को कानून से छूट नहीं देता।
राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या कहा था?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म जगत को संबोधित किया था। उन्होंने लोकप्रिय कलाकारों के प्रभाव का जिक्र करते हुए उनसे ऐसे उत्पादों का endorsement नहीं करने का आग्रह किया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि सफल कलाकार जब अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताते हैं तो लाखों बच्चे और युवा उनसे प्रभावित होते हैं। उन्होंने फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार न करने की अपील करते हुए कहा कि सच्चा स्टार वह है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।
मुंढे ने राष्ट्रपति का संदेश शेयर कर क्या कहा?
राष्ट्रपति के संदेश को साझा करते हुए तुकाराम मुंढे ने सेलिब्रिटी प्रभाव और कानून के बीच संबंध पर जोर दिया। उनके पोस्ट में कहा गया कि कलाकारों को कानून का सम्मान करना चाहिए और ऐसे उत्पादों, व्यवहार या आदतों का प्रचार करते समय अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए, जो लोगों की पसंद और व्यवहार को प्रभावित करते हैं।
मुंढे का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई का दायरा सेलिब्रिटी endorsements तक पहुंच चुका है। विभाग ने इससे पहले अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को Vimal Elaichi के एक विज्ञापन को लेकर show-cause notices जारी किए थे। FDA ने इस विज्ञापन को प्रतिबंधित पान मसाला के indirect या surrogate promotion से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
Vimal Elaichi विज्ञापन विवाद क्या है?
महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त 2026 को तीनों अभिनेताओं को नोटिस जारी किए थे। नोटिस में उनसे विज्ञापन में उनकी भूमिका और endorsement से पहले की गई due diligence के बारे में जवाब मांगा गया था। FDA का कहना था कि Vimal ब्रांड की बाजार में पान मसाला से पहचान होने के कारण इलायची के विज्ञापन से प्रतिबंधित उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रचार का सवाल उठता है।
नोटिस में Food Safety and Standards Act, 2006 की विज्ञापन संबंधी धाराओं का भी उल्लेख किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, FDA ने विज्ञापन से जुड़े promotional content को हटाने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को भी कहा था।
हालांकि, यह मामला अभी केवल FDA की कार्रवाई तक सीमित नहीं है। 14 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने Vimal Elaichi के master licensee PB Agro LLP की याचिका को territorial jurisdiction के आधार पर खारिज कर दिया। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई फैसला नहीं दिया और कहा कि महाराष्ट्र की अदालतें इस चुनौती के लिए उचित forum हैं।
तुकाराम मुंढे पहले भी दे चुके हैं सख्त बयान
18 सितंबर को NDTV से बातचीत में मुंढे ने सेलिब्रिटी endorsements को लेकर कहा था कि विज्ञापन करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी होती है और उसे यह देखना चाहिए कि वह किस चीज का प्रचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि सेलिब्रिटी होना किसी को regulatory action से अलग नहीं करता।
महाराष्ट्र FDA की वेबसाइट के अनुसार तुकाराम मुंढे वर्तमान में Commissioner, Food and Drug Administration, Maharashtra के पद पर हैं।
राष्ट्रपति की अपील और मुंढे के ताजा संदेश के बीच फिलहाल मुख्य मुद्दा सेलिब्रिटी endorsements की जिम्मेदारी और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों के प्रचार को लेकर है। Vimal विज्ञापन से संबंधित FDA की कार्रवाई और उससे जुड़े कानूनी मामले में आगे की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों और अदालतों के निर्णयों पर निर्भर करेगी।